Wednesday, February 11, 2026
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अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में दिखेगी काशी की संस्कृति और पर्यटन की झलक

नई दिल्ली/लखनऊ, अजय कुमार (वेब वार्ता)। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के नेतृत्व में दिसंबर 2025 में वाराणसी में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी एक्सपो की तैयारियाँ जोरों पर हैं। यह आयोजन न केवल काशी की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन की झलक को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा, बल्कि एमएसएमई और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसे स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

केंद्रीय मंत्री को निमंत्रण

10 सितंबर 2025 को आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी कमेटी के चेयरमैन राहुल मेहता, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य विशारद गौतम, और जयपुर से गजेन्द्र सिंह शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री को एक्सपो की थीम, उद्देश्यों, और स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी और उन्हें आयोजन का उद्घाटन करने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे श्री शेखावत ने सहर्ष स्वीकार किया। उन्होंने आईआईए के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन सरकार और उद्यमियों के बीच सेतु का कार्य कर रहा है। उन्होंने उद्योग जगत की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाने और उनके समाधान में आईआईए की भूमिका को सराहनीय बताया।

काशी: सांस्कृतिक और पर्यटन का केंद्र

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा, “भारत में पर्यटन के क्षेत्र में असीमित संभावनाएँ हैं, और वाराणसी इसका प्रमुख केंद्र है। यह विश्व की सबसे प्राचीन जीवंत नगरी और देश की सांस्कृतिक राजधानी है। साथ ही, यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण विशेष महत्व रखता है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी सहित पूरे प्रदेश में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।”

एक्सपो: पर्यटन विकास की नई शुरुआत

आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने बताया कि यह एक्सपो भारत के पर्यटन उद्योग को गति देने का कार्य करेगा। यह आयोजन निवेश, रोजगार सृजन, और सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी को एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। आगंतुकों को ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, और रोमांचक पर्यटक स्थलों की विस्तृत जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा, “यह आयोजन पर्यटन विकास की एक नई यात्रा की शुरुआत करेगा और वाराणसी की वैश्विक पहचान को और सशक्त करेगा।”

काशी की संस्कृति और ओडीओपी पर फोकस

राष्ट्रीय टूरिज्म एवं हॉस्पिटैलिटी कमेटी के चेयरमैन राहुल मेहता ने बताया कि एक्सपो में काशी की सांस्कृतिक धरोहर को केंद्र में रखा जाएगा। देश-विदेश से आने वाले उद्यमी, टूर और ट्रैवल ऑपरेटर, और विशेष विदेशी अतिथि काशी की संस्कृति, कला, और पर्यटन की झलक को अनुभव करेंगे। इसके साथ ही, एमएसएमई और ओडीओपी जैसे स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे वाराणसी और उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिलेगी।

वाराणसी में पर्यटन की संभावनाएँ

वाराणसी, जो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, पर्यटकों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है। यह एक्सपो काशी के पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएँ, जैसे पर्यटन स्थलों का विकास और बुनियादी ढाँचे का विस्तार, इस आयोजन को और प्रभावी बनाएँगी।

एक मंच, अनेक अवसर

यह आयोजन पर्यटन, आतिथ्य, और स्थानीय उद्योगों के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करेगा। देश-विदेश के टूर ऑपरेटर, निवेशक, और नीति निर्माता इस एक्सपो में हिस्सा लेंगे, जिससे वाराणसी और उत्तर प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में नए अवसर सृजित होंगे। यह आयोजन न केवल काशी की सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर ले जाएगा, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

नोट: यह खबर उपलब्ध सूत्रों और आयोजन की जानकारी पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) से संपर्क करें।

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