लखनऊ, | अजय कुमार | वेब वार्ता
पर्वतीय महापरिषद के रजत जयंती वर्ष (25 वर्ष पूर्ण) के शुभ अवसर पर उत्तराखण्ड का पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्व “उत्तरायणी कौथिग” का 15 दिवसीय भव्य आयोजन पं0 गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग, गोमती तट, लखनऊ में 14 जनवरी से 28 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। कौथिग का विधिवत् उद्घाटन 14 जनवरी को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा।
पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने बताया कि कार्यक्रम में कई गणमान्य सांसद, मंत्री, विधायक, व्यवसायी, समाजसेवी सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख अतिथियों का आगमन होगा। महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि उद्घाटन दिवस पर दोपहर 2 बजे रामलीला मैदान महानगर से विभिन्न झांकियों से सजे-धजे रथों एवं बाजे-गाजे के साथ नीलमथा, तेलीबाग, कल्याणपुर, गोमती नगर, सरोजनी नगर, इन्दिरा नगर, राजाजीपुरम, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, विकास नगर, कुर्मांचल नगर, सीतापुर रोड एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए महिलाएं व पुरुष नाचते-झूमते हुए भव्य शोभा यात्रा के रूप में कौथिग स्थल के लिए प्रस्थान करेंगे।
कौथिग की प्रमुख विशेषताएं
- मुख्य मंच पर 10 फुट ऊँची 28 फुट लम्बी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है।
- मंच के दाएं-बाएं उत्तराखण्ड के घरों के सुन्दर छायाचित्र लगाए गए हैं, जो वास्तविक प्रतीत होते हैं।
- सम्पूर्ण मंच उत्तराखण्ड की झलक समेटे हुए है।
- उत्तराखण्ड के मुख्य बाजारों के नाम से स्टाल सुसज्जित किए गए हैं, जिसमें खाद्य पदार्थ, ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प, उत्तराखण्ड की बाल मिठाई सहित कई वस्तुओं की भरमार रहेगी।
- उत्तराखण्ड सहित विभिन्न प्रदेशों के सांस्कृतिक दलों की प्रस्तुतियां: छोलिया नृत्य, नन्दा राजजात यात्रा, पारम्परिक झोड़े, छपेली गीत एवं नृत्य।
- देवभूमि उत्तराखण्ड के देवी-देवताओं के नाम पर विशेष “देव भूमि गैलरी” स्थापित की गई है।
विभिन्न सम्मान वितरण
विगत वर्षों की भाँति उत्तरायणी कौथिग के मंच से विशिष्ट सेवाओं हेतु निम्नलिखित सम्मान प्रदान किए जाएंगे:
- पर्वत गौरव सम्मान
- वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वीरता सम्मान
- गौरा देवी महिला सम्मान
- डॉ0 एम सी पन्त चिकित्सा सम्मान
- श्यामाचरण काला पत्रकारिता सम्मान
- बी एम शाह नाट्य कला सम्मान
- श्री गोपाल उपाध्याय साहित्य सम्मान
- श्री रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान
- श्री देबकी नन्दन पाण्डेय उद्घोषक सम्मान
- श्री गोविन्द नयाल सामाजिक सेवा सम्मान
- श्री दीवान सिंह डोलिया लोक कला सम्मान
- युवा सम्मान
मुख्य संयोजक और टीम
कार्यक्रम में मुख्य संयोजक टी एस मनराल, संयोजक के एन चन्दोला, अध्यक्ष गणेश चन्द जोशी, महासचिव महेन्द्र सिंह रावत, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट मोना, जे पी डिमरी, ज्ञान पंत, के सी पंत, के एस रावत, गोपाल गौलाकोटी, भुवन पांडेय, के एन पाठक, शंकर पाण्डेय, रमेश उपाध्याय, के एन पाण्डेय, गोविन्द बोरा, महेन्द्र पंत, ख्याली सिंह कडाकोटी, सुमन सिंह रावत, गंगा भट्ट, सुमन मनराल, जानकी अधिकारी, पुष्कर नयाल, नारायण दत्त पाठक, माया भट्ट, मंजू शर्मा, एम एस मेहता, गोविन्द पाठक, जी डी भट्ट सहित पूरी टीम कार्य कर रही है।
निष्कर्ष: उत्तरायणी कौथिग – उत्तराखण्ड संस्कृति का भव्य मेला
यह 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक धरोहर को लखनऊ में जीवंत करने का अनुपम अवसर है। रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह कौथिग न केवल उत्तराखण्डवासियों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि पूरे प्रदेश को उत्तराखण्ड की कला, संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराएगा।




