लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऐतिहासिक बजट पेश किया। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है, जिसमें प्रदेश को 30.25 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक संतुलन का खाका है। सरकार ने पूंजीगत व्यय को 19.5 प्रतिशत रखते हुए विकास परियोजनाओं को तेज गति देने का संकल्प दोहराया।
आर्थिक परिदृश्य और विकास की दिशा
सरकार के अनुसार प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाती है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का दावा है कि पिछले वर्षों में कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश और अवसंरचना विकास में सुधार के कारण प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बना है।
बजट में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सफल हुआ है और बेरोजगारी दर में भी कमी दर्ज की गई है।
प्रमुख बजटीय आवंटन
| क्षेत्र | आवंटन / प्रतिशत | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| कुल बजट | ₹9.12 लाख करोड़ | समग्र विकास |
| स्वास्थ्य | ₹37,956 करोड़ | जनस्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण |
| शिक्षा | 12.4% बजट | शैक्षिक सुधार |
| आयुष | ₹2,867 करोड़ | पारंपरिक चिकित्सा विस्तार |
| पूंजीगत व्यय | 19.5% | अवसंरचना निर्माण |
किसानों के लिए बड़ा पैकेज
बजट में कृषि क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। गन्ना किसानों को 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया है, जो पूर्ववर्ती वर्षों की तुलना में अधिक बताया गया। पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में प्रति क्विंटल 30 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
गेहूं, धान और बाजरा की व्यापक खरीद के माध्यम से किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि के माध्यम से डीबीटी के जरिए सीधी आर्थिक सहायता दी जा रही है।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर फोकस
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और पल्स पोलियो जैसे कार्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा। चिकित्सा अवसंरचना के विस्तार और नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना पर भी बल दिया गया है।
शिक्षा क्षेत्र में कुल बजट का 12.4 प्रतिशत आवंटित किया गया है। प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक गुणवत्ता सुधार, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
युवा, उद्योग और निवेश
युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और डिजिटल सशक्तिकरण योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
औद्योगिक विकास के तहत डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और वस्त्रोद्योग क्षेत्र में निवेश को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का दावा है कि लाखों रोजगार सृजन की संभावनाएं हैं।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक योजनाएं
बजट में महिला सुरक्षा, स्वयं सहायता समूहों, पोषण योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूती देने पर बल दिया गया है। पुलिस ढांचे के विस्तार और महिला सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक रणनीति
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने ऋण-जीएसडीपी अनुपात को नियंत्रित रखते हुए वित्तीय अनुशासन कायम रखा है। बजट में राजस्व वृद्धि और व्यय नियंत्रण के माध्यम से दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश का बजट 2026-27 विकास और सामाजिक संतुलन का व्यापक दस्तावेज है। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। आने वाले समय में इन घोषणाओं का जमीनी क्रियान्वयन ही तय करेगा कि यह ऐतिहासिक बजट कितनी प्रभावी ढंग से प्रदेश की तस्वीर बदल पाता है।
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