लखनऊ, अजय कुमार (वेब वार्ता)। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने कुकरैल नदी के किनारे ‘उर्मिला वन’ के विकास कार्य का शुभारंभ किया। पेपरमिल वार्ड के भीखमपुर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस हरित क्षेत्र का उद्घाटन लखनऊ पूर्वी विधायक श्री ओ.पी. श्रीवास्तव ने पौधरोपण करके किया। इस अवसर पर एलडीए सचिव श्री विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री सी.पी. त्रिपाठी, मुख्य अभियंता श्री नवनीत शर्मा, अधीक्षण अभियंता श्री संजीव कुमार गुप्ता, और स्थानीय पार्षद श्री राजेश सिंह ‘गब्बर’ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उर्मिला वन: लखनऊ के लिए पर्यावरणीय मील का पत्थर
विधायक श्री ओ.पी. श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि पेपरमिल कॉलोनी के पास कुकरैल नदी के किनारे विकसित होने वाला उर्मिला वन लखनऊ शहर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होगा। इस परियोजना के लिए 24 एकड़ भूमि को कूड़ा, कचरा, और अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। इसमें से 19 एकड़ क्षेत्र में एक हरित उद्यान विकसित किया जाएगा, जिसमें लगभग एक लाख पौधे रोपित किए जाएंगे। इनमें नीम, पीपल, पाकड़, अमलतास, अर्जुन, अशोक, जामुन, बांस, और गुलमोहर जैसे पेड़-पौधे शामिल होंगे, जो न केवल शुद्ध वायु प्रदान करेंगे, बल्कि पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता को भी बढ़ावा देंगे।
“यह वन स्थानीय निवासियों के लिए ‘फेफड़ों’ की तरह काम करेगा। यह न केवल पर्यावरण को बेहतर बनाएगा, बल्कि नागरिकों को स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए एक सुरक्षित हरित क्षेत्र भी प्रदान करेगा।” – श्री ओ.पी. श्रीवास्तव, विधायक, लखनऊ पूर्वी
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कुकरैल नदी के किनारे ‘उर्मिला वन’ के विकास का काम शुरू कर दिया। लखनऊ पूर्वी विधायक श्री ओ.पी. श्रीवास्तव ने स्थल पर पौधरोपण करके इस हरित क्षेत्र के विकास का शुभारंभ किया।
इस मौके पर एलडीए के सचिव श्री विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री सी.पी. त्रिपाठी,… pic.twitter.com/VdHKKISVLE
— Lucknow Development Authority (@LkoDevAuthority) September 8, 2025
सुविधाएं और विशेषताएं
वॉकिंग ट्रैक: उर्मिला वन में 1632 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा, जो नागरिकों को सुबह-शाम टहलने और व्यायाम के लिए एक सुरक्षित स्थान प्रदान करेगा।
सिंचाई व्यवस्था: एलडीए सचिव श्री विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पौधों की नियमित सिंचाई के लिए एक स्थायी व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत वन क्षेत्र में अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसमें पॉप-अप स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि पौधों को नियमित रूप से पानी मिले और उनकी वृद्धि तेजी से हो।
प्राकृतिक डिजाइन: वन को पूरी तरह प्राकृतिक रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सिविल निर्माण को न्यूनतम रखा जाएगा। सुरक्षा के लिए केवल चेन लिंक फेंसिंग की जाएगी।
मियावाकी पद्धति से सघन वन निर्माण
उर्मिला वन में मियावाकी पद्धति का उपयोग कर सघन वन विकसित किया जाएगा। इस तकनीक से कम समय में घने और स्वस्थ जंगल तैयार किए जा सकते हैं, जो वायु शुद्धिकरण, मिट्टी सुधार, जलवायु शुद्धिकरण, और जैव विविधता को बढ़ावा देंगे। इस पद्धति के तहत रोपित पौधे बरगद, पिलखन, आम, अमरूद, और नदी के किनारे उपयुक्त प्रजातियां जैसे कैना, लोटस, और वॉटर लिली शामिल होंगी, जो पानी में लेड की मात्रा को नियंत्रित करेंगी।
नागरिकों से सहयोग की अपील
श्री ओ.पी. श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की कि वे इस हरित अभियान को सफल बनाने में योगदान दें। उन्होंने कहा:
“जिस तरह नागरिकों ने स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रमों में उत्साह दिखाया है, उसी तरह इस हरित अभियान को भी सफल बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरियाली की सौगात मिल सके।”
निष्कर्ष: लखनऊ के पर्यावरण को नई दिशा
उर्मिला वन लखनऊ के पर्यावरण संरक्षण और शहरी हरितीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना न केवल शहरवासियों को स्वच्छ हवा और हरियाली प्रदान करेगी, बल्कि जैव विविधता, वायु शुद्धिकरण, और जलवायु संतुलन में भी योगदान देगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण की यह पहल शहर को एक हरित और स्वस्थ भविष्य की ओर ले जाएगी।








