लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) मुख्यालय में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत और गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत हुई, जिससे पूरा परिसर देशप्रेम, गौरव और उत्साह के वातावरण से भर उठा।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से गूंजा मिशन मुख्यालय
गणतंत्र दिवस समारोह के तहत यूपीएसडीएम मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इसके बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने अनुशासन एवं सम्मान के साथ सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम के दौरान संविधान और लोकतंत्र के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
संविधान के मूल्यों पर मिशन निदेशक का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिशन निदेशक पुलकित खरे ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है, जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से समता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में यूपीएसडीएम की भूमिका
मिशन निदेशक ने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन प्रदेश के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर यूपीएसडीएम राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
संविधान की प्रस्तावना का वाचन और शपथ
इस अवसर पर मिशन निदेशक पुलकित खरे द्वारा संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया। साथ ही उपस्थित समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्र के प्रति निष्ठा, कर्तव्यबोध और संवैधानिक मूल्यों के पालन की शपथ दिलाई गई। सभी ने संविधान की मर्यादाओं के अनुरूप कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख बातें
- 77वें गणतंत्र दिवस पर यूपीएसडीएम मुख्यालय में विशेष आयोजन
- ध्वजारोहण के साथ राष्ट्रगान का सामूहिक गायन
- संविधान के मूल्यों पर मिशन निदेशक का प्रेरक संबोधन
- अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निष्ठा और कर्तव्य की शपथ
निष्कर्ष
यूपीएसडीएम मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह ने संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रभक्ति के मूल भावों को मजबूती से प्रस्तुत किया। यह कार्यक्रम न केवल एक औपचारिक आयोजन रहा, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग और प्रतिबद्ध बनाने का सशक्त माध्यम भी बना।
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