देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
UPSC 2025 Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। जिले के तरकुलवा नगर पंचायत के निवासी टेंपो चालक के बेटे अनिल मिश्रा ने 445वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया है। वहीं जिले की बहू समीक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 56वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। इसके अलावा भेड़ापाकड़ निवासी डॉ. रवि श्रीवास्तव ने 371वीं रैंक प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। परिणाम घोषित होने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और तीनों सफल अभ्यर्थियों को लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- देवरिया के टेंपो चालक के बेटे अनिल मिश्रा ने UPSC 2025 में 445वीं रैंक हासिल की
- जिले की बहू समीक्षा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 56वीं रैंक प्राप्त की
- भेड़ापाकड़ निवासी डॉ. रवि श्रीवास्तव ने 371वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया
- तीनों की सफलता से जिले में खुशी की लहर, लोगों ने दी बधाई
UPSC 2025 Success Story: टेंपो चालक के बेटे ने हासिल की बड़ी सफलता
देवरिया जिले के तरकुलवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर-14 मीराबाई नगर निवासी सुरेंद्र मिश्रा पिछले लगभग 30 वर्षों से टेंपो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी। उनके सबसे छोटे बेटे अनिल मिश्रा ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर यूपीएससी परीक्षा में 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।
अनिल मिश्रा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देवरिया के विद्या मंदिर से प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2017 में हाईस्कूल और 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में रमेश चंद्र राव नवतप्पी महाविद्यालय, रामपुरगढ़ से स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से मिली सफलता
अनिल मिश्रा ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद कोचिंग का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर ही स्वाध्याय के माध्यम से यूपीएससी की तैयारी की। वर्ष 2024 में वह सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू तक पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने और मेहनत की और वर्ष 2025 में 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव प्राप्त किया।
उनके पिता सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि अनिल ने हमेशा मेहनत और अनुशासन को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि परिवार की सीमित आय के बावजूद बच्चों को पढ़ाने का सपना आज पूरा हुआ है।
📌 क्या है पूरा मामला?
- देवरिया जिले के तीन युवाओं ने UPSC 2025 में सफलता हासिल की
- अनिल मिश्रा ने 445वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का गौरव पाया
- देवरिया की बहू समीक्षा ने 56वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया
- डॉ. रवि श्रीवास्तव ने 371वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया
देवरिया की बहू समीक्षा ने हासिल की 56वीं रैंक
देवरिया के खजुरी भट्ट गांव निवासी कृष्णचंद्र मिश्र उर्फ पप्पू की बहू समीक्षा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 56वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। समीक्षा की शिक्षा-दीक्षा आईआईटी कानपुर और बेंगलुरु में हुई है।
परिजनों के अनुसार समीक्षा इससे पहले बैंक ऑफ इंडिया में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने एक दिन के लिए केनरा बैंक में भी पीओ पद पर कार्य किया था और नौ मार्च को मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में डिप्टी मैनेजर पद पर ज्वाइन करने वाली थीं।
समीक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता सुनीता देवी, पिता एस.एन. द्विवेदी, सास रेखा मिश्रा और ससुर कृष्णचंद्र मिश्र को दिया है।
डॉ. रवि श्रीवास्तव ने हासिल की 371वीं रैंक
देवरिया जिले के भेड़ापाकड़ निवासी डॉ. रवि श्रीवास्तव ने यूपीएससी परीक्षा में 371वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा देवरिया से प्राप्त करने के बाद जर्मनी से रसायन विज्ञान में पीएचडी की डिग्री हासिल की है।
उनकी इस सफलता से परिवार और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
🔎 अब आगे क्या होगा?
- सफल अभ्यर्थियों को जल्द ही प्रशिक्षण प्रक्रिया से गुजरना होगा
- आईएएस चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रशासनिक सेवाओं में की जाएगी
- क्षेत्र के युवाओं के लिए यह सफलता प्रेरणा का स्रोत बनी है
- जिले में प्रतिभाशाली छात्रों को सिविल सेवा की तैयारी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा
जिले में खुशी का माहौल
यूपीएससी के परिणाम घोषित होने के बाद देवरिया जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। अनिल मिश्रा के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र प्रताप राव, नगर पंचायत अध्यक्ष जनार्दन कुशवाहा, भाजपा मंडल अध्यक्ष दुष्यंत राव सहित कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने उन्हें बधाई दी।








