लखनऊ, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति ने राष्ट्रीय सहारा प्रिंट व चैनल के सैकड़ों मीडियाकर्मियों को लंबे समय से मिल रहे वेतन, पीएफ और अन्य श्रमिक हक दिलाने के लिए अपर मुख्य सचिव सूचना संजय प्रसाद से मुलाकात की। समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी और सचिव भारत सिंह ने अपर मुख्य सचिव को विस्तृत जानकारी देते हुए सहारा मीडिया समूह के कर्मचारियों की गंभीर स्थिति से अवगत कराया।
समिति ने बताया कि लखनऊ, नोएडा सहित पूरे उत्तर प्रदेश में सहारा अखबार और सहारा समय चैनल के श्रमजीवी मीडियाकर्मी वर्षों से नियमित वेतन से वंचित हैं। वर्तमान में प्रबंधन ने बिना नोटिस दिए कर्मचारियों को नौकरी से निकालना और जबरन इस्तीफा मांगना शुरू कर दिया है। बकाया वेतन, पीएफ और ग्रेच्युटी दिए बिना प्रकाशन बंद करना श्रम कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन है।
कर्मचारियों की दयनीय स्थिति
समिति ने अपर मुख्य सचिव को बताया कि आर्थिक तंगी और तनाव के कारण पहले भी कई सहारा कर्मचारी आत्महत्या करने को मजबूर हो चुके हैं। हजारों परिवार आज भी गहरे संकट में हैं। कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए वकील रखना भी उनके लिए मुश्किल हो गया है। ऐसे में समिति ने अपर मुख्य सचिव से अपील की कि वे इस प्रकरण में सक्रिय हस्तक्षेप कर पीड़ित कर्मचारियों को न्याय दिलाने में सहयोग करें।
समिति की प्रमुख मांगें
- सहारा प्रबंधन को बकाया वेतन, पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ तत्काल भुगतान के आदेश दिए जाएं
- बिना नोटिस और बकाया दिए कर्मचारियों को निकालने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए
- श्रम कानूनों के उल्लंघन पर प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो
- कर्मचारियों के परिवारों को तत्काल राहत पैकेज उपलब्ध कराया जाए
अपर मुख्य सचिव का आश्वासन
अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने समिति की बातें ध्यान से सुनीं और आश्वासन दिया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मीडियाकर्मियों की समस्या पर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
मीडियाकर्मियों के हक की लड़ाई में समिति का सक्रिय रुख
यह मुलाकात राष्ट्रीय सहारा के कर्मचारियों के लिए न्याय की उम्मीद जगाती है। उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति की यह पहल मीडियाकर्मियों के हक और सम्मान की रक्षा के लिए एक मजबूत कदम है। समिति ने स्पष्ट किया कि वह इस लड़ाई को अंत तक जारी रखेगी और जब तक कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल जाता, तब तक पीछे नहीं हटेगी।




