लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम की आर्थिक सेहत और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर गुरुवार को एक अहम बैठक सम्पन्न हुई। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जे.पी.एस. राठौर की अध्यक्षता में निगम के संचालक मण्डल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की बैलेन्स शीट, लाभ-हानि खाते और वार्षिक रिपोर्ट को औपचारिक रूप से अनुमोदन प्रदान किया। बैठक निगम के न्यू हैदराबाद स्थित प्रधान कार्यालय में आयोजित की गई।
78 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़त, ₹91.90 करोड़ शुद्ध लाभ
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां निगम को ₹51.65 करोड़ का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ था, वहीं 2024-25 में यह लाभ 78 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ बढ़कर ₹91.90 करोड़ तक पहुंच गया है। सहकारिता राज्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार की नीतियों और निगम के प्रभावी प्रबंधन का प्रत्यक्ष परिणाम बताया।
लाभांश की घोषणा, दोनों अंशधारियों को फायदा
संचालक मण्डल द्वारा वर्ष 2024-25 के लिए 24 प्रतिशत की दर से लाभांश घोषित किया गया। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश सरकार और केन्द्रीय भण्डारण निगम—दोनों अंशधारियों को कुल ₹1.29 करोड़ की लाभांश राशि स्वीकृत की गई। यह निर्णय निगम की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
बजट अनुमोदन और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत
बैठक में वर्ष 2025-26 के पुनःरीक्षित बजट अनुमान और 2026-27 के बजट अनुमान को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही निगम में कार्यरत नियमित कर्मचारियों के लिए बीमा राशि बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसे कर्मचारी हित में बड़ा कदम माना जा रहा है।
- समूह ‘क’ कर्मचारियों का बीमा: ₹14 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख
- समूह ‘ख’ कर्मचारियों का बीमा: ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹14 लाख
- समूह ‘ग’ कर्मचारियों का बीमा: ₹7 लाख से बढ़ाकर ₹12 लाख
- समूह ‘घ’ कर्मचारियों का बीमा: ₹3.20 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख
वरिष्ठ अधिकारी और निदेशक रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता, संयुक्त सचिव वित्त, सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो, नियोजन विभाग, भारतीय स्टेट बैंक और केन्द्रीय भण्डारण निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के प्रतिनिधि ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
निष्कर्ष: लगातार लाभ में निगम, वित्तीय अनुशासन की मिसाल
उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम का लगातार लाभ में रहना यह दर्शाता है कि सरकारी उपक्रम भी प्रभावी प्रबंधन और पारदर्शी नीतियों के साथ व्यावसायिक सफलता हासिल कर सकते हैं। मुनाफे में तेज वृद्धि, लाभांश वितरण और कर्मचारी कल्याण से जुड़े फैसले निगम को राज्य के सबसे सशक्त सार्वजनिक उपक्रमों में शामिल करते हैं।




