लखनऊ, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके मासिक मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान घोषणा करते हुए बताया कि अब शिक्षा मित्रों को 10 हजार रुपये की जगह 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएगी।
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद प्रदेश भर में कार्यरत हजारों शिक्षा मित्रों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह फैसला लंबे समय से चली आ रही उनकी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान
विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा मित्र प्रदेश के शिक्षा तंत्र की रीढ़ हैं और उन्होंने ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा— “शिक्षा मित्रों की मेहनत और समर्पण को सम्मान देते हुए सरकार ने उनका मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब उन्हें 18 हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।”
इस फैसले से प्रदेश में कार्यरत लगभग डेढ़ लाख से अधिक शिक्षा मित्र सीधे लाभान्वित होंगे।
शिक्षा मित्र योजना की पृष्ठभूमि
शिक्षा मित्र योजना की शुरुआत वर्ष 2005 में की गई थी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया जा सके। इसके तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्त किया गया।
लंबे समय तक शिक्षा मित्र कम मानदेय पर कार्य करते रहे। कई बार आंदोलन, हड़ताल और न्यायिक प्रक्रिया के बावजूद उनकी मांगें अधूरी रहीं।
योगी सरकार के पूर्व निर्णय
योगी सरकार ने बीते वर्षों में शिक्षा मित्रों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं—
• वर्ष 2018 में मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया
• वर्ष 2021 में स्वास्थ्य बीमा व पेंशन सुविधाएं दी गईं
• वर्ष 2026 में मानदेय 18 हजार रुपये किया गया
सरकार का यह निर्णय शिक्षा मित्रों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विधानसभा में विपक्ष की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री की घोषणा पर विधानसभा में सत्तापक्ष के विधायकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। भाजपा नेताओं ने इसे “शिक्षा क्रांति” का हिस्सा बताया।
वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला देर से लिया गया है और शिक्षा मित्रों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग अब भी लंबित है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा मित्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और आगे भी उनकी समस्याओं पर विचार किया जाएगा।
शिक्षा मित्रों में खुशी की लहर
घोषणा के बाद देवरिया, गोरखपुर, आजमगढ़, लखनऊ सहित कई जिलों में शिक्षा मित्रों ने खुशी जाहिर की।
शिक्षा मित्रों ने कहा कि 18 हजार रुपये प्रतिमाह मिलने से अब वे अपने परिवार की बेहतर देखभाल कर सकेंगे और बच्चों की शिक्षा पर अधिक ध्यान दे पाएंगे।
सोशल मीडिया पर भी शिक्षा मित्रों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए पोस्ट साझा किए।
भविष्य की योजना और निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि—
• अप्रैल से सभी शिक्षा मित्रों को नया मानदेय मिले
• भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो
• प्रशिक्षण और पदोन्नति पर भी कार्य किया जाए
सरकार शिक्षा मित्रों की कार्यक्षमता बढ़ाने और शिक्षा गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान देगी।
निष्कर्ष
18 हजार रुपये मासिक मानदेय का निर्णय उत्तर प्रदेश के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इससे शिक्षा मित्रों को आर्थिक स्थिरता मिलने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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