लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा युवाओं को यातायात का ‘रक्षक’ बनाने की दिशा में एक अहम पहल की गई है। सड़क सुरक्षा माह (01 जनवरी से 31 जनवरी) के तहत प्रदेशभर के जिलों और संभाग स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं में एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स एंड गाइड्स और स्वयंसेवी संस्थाओं को यातायात नियमों, आपदा प्रबंधन और सुरक्षित ड्राइविंग के गुर सिखाए जा रहे हैं।
सड़क सुरक्षा माह के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान
परिवहन विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन विभाग, एनसीसी, सिविल डिफेंस और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के समन्वय से यह अभियान संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यशालाओं में आपदा मित्र, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स एंड गाइड्स, CIA स्वयंसेवी संस्था, डीलर्स एसोसिएशन और यातायात पुलिस के कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यशालाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों, दुर्घटना के समय त्वरित सहायता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया।
सुरक्षित सफर के लिए जरूरी नियमों पर विशेष जोर
परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और ‘कैशलेस उपचार’ जैसी योजनाओं के प्रति जनता को जागरूक करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि दुपहिया वाहन चलाते समय चालक और पीछे बैठी सवारी दोनों के लिए BIS मानक वाला हेलमेट अनिवार्य है, जबकि चौपहिया वाहनों में सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना आवश्यक है।
- वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें
- नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं
- रैश ड्राइविंग, स्टंट और ओवरस्पीडिंग से बचें
- कोहरे में फॉग लाइट और वाहनों पर रिफ्लेक्टर का प्रयोग करें
आपकी सतर्कता से बच सकती है घायल की जान
कार्यशालाओं में प्रतिभागियों को सड़क दुर्घटना में घायलों के लिए उपलब्ध ‘कैशलेस उपचार सुविधा’ और ‘राहवीर योजना’ (Good Samaritan Law) के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। इन योजनाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्घटना के बाद समय पर सहायता पहुंचाकर जान बचाई जा सके और मदद करने वाले व्यक्ति को किसी प्रकार की कानूनी परेशानी न हो।
नियम तोड़ने वालों पर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई
परिवहन आयुक्त श्रीमती किंजल सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर प्रदेशभर में निरंतर प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। 01 जनवरी से 21 जनवरी तक विभिन्न श्रेणियों में बड़ी संख्या में चालान किए गए हैं।
| उल्लंघन का प्रकार | चालानों की संख्या |
|---|---|
| हेलमेट न पहनना | 49,500 |
| सीट बेल्ट न लगाना | 11,740 |
| ओवरस्पीडिंग | 15,180 |
| मोबाइल फोन का उपयोग | 4,164 |
| नशे में वाहन चलाना | 304 |
| गलत दिशा में वाहन चलाना | 5,546 |
‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ नीति से सख्ती
परिवहन आयुक्त ने बताया कि अभियान के तहत हेलमेट के बिना ईंधन न देने की व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही अवैध पार्किंग और अनफिट वाहनों के विरुद्ध भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब तक प्रदेशभर में 89,992 से अधिक चालानी कार्रवाई की जा चुकी है।
निष्कर्ष
परिवहन विभाग की यह पहल युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज का जिम्मेदार प्रहरी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। एनसीसी कैडेट्स और स्काउट्स को प्रशिक्षण देकर सड़क सुरक्षा की मजबूत संस्कृति विकसित की जा रही है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं में कमी और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
👉 हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें – Web Varta
ये भी पढ़ें: भव्य यूपी दिवस-2026: 20 राज्यों और 15 देशों तक पहुंची उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा




