लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश में 23 फरवरी 2026 को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम की समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि गर्मियों में प्रदेश के किसी भी गांव में पीने के पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अभी से आवश्यक तैयारियां शुरू करने और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने को कहा।
मंत्री ने कहा कि प्रत्येक इंजीनियर रोजाना कम से कम 10 ग्राम प्रधानों से संवाद कर जलापूर्ति की स्थिति की जानकारी ले और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करे।
जल जीवन मिशन की प्रगति पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में जलशक्ति मंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।
- गांव-गांव नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना
- पेयजल योजनाओं की तकनीकी निगरानी
- फील्ड स्तर पर त्वरित मरम्मत व्यवस्था
- शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना
सड़क रिस्टोरेशन कार्य मार्च तक पूरा करने के निर्देश
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां मार्च 2026 के अंत तक रिस्टोरेशन कार्य पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और लापरवाही पाए जाने पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
पेयजल और रिस्टोरेशन कार्यों की स्थिति
| क्षेत्र | निर्देश | समयसीमा |
|---|---|---|
| ग्रामीण पेयजल | नियमित जलापूर्ति | गर्मियों से पहले |
| पाइपलाइन कार्य | रिस्टोरेशन पूर्ण | मार्च 2026 |
| निरीक्षण | मैदानी सत्यापन | निरंतर |
| शिकायत निवारण | तत्काल समाधान | 24×7 |
जनप्रतिनिधियों और मीडिया से संवाद पर जोर
जलशक्ति मंत्री ने निर्देश दिए कि इंजीनियर और अधिकारी जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराएं।
- विधायकों और जनप्रतिनिधियों को अपडेट देना
- मीडिया को योजनाओं की जानकारी साझा करना
- जनता से संवाद बनाए रखना
- पारदर्शिता सुनिश्चित करना
अधिकारियों के कार्य की सराहना
मंत्री ने जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट लगभग समाप्त हो चुका है।
उन्होंने सभी कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
निष्कर्ष
जलशक्ति मंत्री की यह समीक्षा बैठक प्रदेश में ग्रीष्मकालीन जल संकट से निपटने और ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है। समयबद्ध रिस्टोरेशन, फील्ड निरीक्षण और नियमित संवाद से ग्रामीणों को निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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