लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और खेती-किसानी को नई दिशा देने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू की गई इस पहल से प्रदेश की एक लाख ग्रामीण महिलाएं शहद उत्पादन के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ेंगी और उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है।
तीन वर्षों में तैयार होंगी एक लाख महिला शहद उद्यमी
योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देकर शहद उद्यमी के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक महिला की आय में प्रति वर्ष लगभग एक लाख रुपये तक की वृद्धि हो, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में स्थायित्व आए।
परागण से बढ़ेगी फसलों की उत्पादकता
मधुमक्खी पालन से केवल शहद उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि परागण प्रक्रिया के कारण कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होगी। विशेषज्ञों के अनुसार मधुमक्खियों के माध्यम से परागण होने से गेहूं, सरसों, दलहन, तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
योजना से जुड़े प्रमुख लक्ष्य
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल लाभार्थी महिलाएं | 1,00,000 |
| कार्यक्रम अवधि | 3 वर्ष |
| वार्षिक आय वृद्धि लक्ष्य | ₹1,00,000 प्रति महिला |
| मुख्य गतिविधि | मधुमक्खी पालन व शहद उत्पादन |
| लाभ | महिला सशक्तिकरण व कृषि उत्पादकता में वृद्धि |
‘मिशन विलेज’ के तहत यूपी के शहद को मिलेगा नया मंच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘मिशन विलेज’ के अंतर्गत इस योजना को ग्रामीण विकास से जोड़ा गया है। इसके तहत महिलाएं अपना शहद ब्रांड विकसित करेंगी और स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बनाएंगी। इससे यूपी का शहद गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बना सकेगा।
प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ाव पर जोर
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, मधुमक्खी पालन उपकरण, पैकेजिंग और मार्केट लिंकज उपलब्ध कराई जाएगी। इससे शहद और उससे जुड़े उत्पादों का बेहतर विपणन संभव होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
- कृषि उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि
- यूपी के शहद को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान
निष्कर्ष
मधुमक्खी पालन कार्यक्रम के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका और कृषि विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। एक लाख महिलाओं को शहद उद्यमी बनाकर न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि खेती-किसानी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर भी बदलेगी।
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