लखनऊ, सूचना विभाग | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य में किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत 15 नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिन पर लगभग 140 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
उप मुख्यमंत्री ने दिए विभाग को निर्देश
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में किसानों, उद्यमियों और युवाओं की आय बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं एवं अनुदानों की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक उद्यम स्थापित हो सकें।
निवेशकों की पहली पसंद बन रहा उत्तर प्रदेश
उप मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लगातार स्वीकृति मिल रही है। इसके चलते उत्तर प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाना और गांव-गांव तक औद्योगिक समन्वय पहुंचाना है।
अप्रेजल समिति की बैठक में 15 प्रस्ताव स्वीकृत
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीना की अध्यक्षता में गोमतीनगर स्थित रेशम निदेशालय में आयोजित अप्रेजल समिति की बैठक में 16 प्रस्तावों पर विचार किया गया। इनमें से 15 प्रस्तावों को नीति के अंतर्गत अर्ह मानते हुए राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने की संस्तुति की गई।
जिलावार स्वीकृत प्रोजेक्ट्स का विवरण
| जनपद | प्रोजेक्ट संख्या |
|---|---|
| कानपुर नगर | 02 |
| कानपुर देहात | 01 |
| हाथरस | 01 |
| एटा | 01 |
| शाहजहांपुर | 01 |
| शामली | 01 |
| अमेठी | 02 |
| प्रयागराज | 01 |
| गोरखपुर | 01 |
| जालौन | 01 |
| कुशीनगर | 01 |
| बाराबंकी | 01 |
| वाराणसी | 01 |
| मुरादाबाद | 01 |
प्रोजेक्ट्स के प्रमुख क्षेत्र
- सोलर प्रोजेक्ट्स – 06
- डेयरी उत्पाद – 01
- रेडी टू कुक – 01
- रेडी टू ईट – 01
- कुक्कुट आहार – 01
- फल एवं सब्जी प्रसंस्करण – 01
- लिक्विड ग्लूकोज – 01
- डी-ऑयल्ड उत्पाद – 01
- टोमैटो सॉस – 01
- ट्रांसपोर्ट सब्सिडी – 01
स्थानीय किसानों और युवाओं को मिलेगा लाभ
इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही दुग्ध, पनीर, दही एवं बटर से संबंधित सहारनपुर के एक अतिरिक्त प्रोजेक्ट को भी आगामी बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
निष्कर्ष
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के रोजगार और निवेश आकर्षण के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी।
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