Wednesday, January 14, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

लखनऊ: असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा निरस्त, धांधली के सबूत मिलने पर सरकार का बड़ा फैसला – अभ्यर्थियों को मिली राहत

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
UP असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा:

उत्तर प्रदेश सरकार ने अभ्यर्थियों के हित में बड़ा और साहसिक फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। यह निर्णय परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली और अनियमितताओं के सबूत मिलने के बाद लिया गया। UP STF की जांच में सॉल्वर गैंग की सक्रियता, अवैध धन वसूली और पेपर लीक के स्पष्ट संकेत मिले थे। तीन आरोपियों – महबूब अली, वैभव पाल और विशाल पाल – की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नई परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह फैसला योगी आदित्यनाथ सरकार की भर्ती प्रक्रियाओं में शुचिता और पारदर्शिता की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित बनाएगा।

परीक्षा निरस्त का कारण: धांधली के ठोस सबूत

UP STF को परीक्षा में गड़बड़ी की गोपनीय सूचना मिली थी। जांच में सॉल्वर गैंग की सक्रियता, पेपर लीक और अभ्यर्थियों से अवैध धन वसूली के प्रमाण मिले। आरोपी महबूब अली, वैभव पाल और विशाल पाल गिरफ्तार किए गए, जिनसे पूछताछ में गिरोह का पूरा नेटवर्क उजागर हुआ। परीक्षा की शुचिता भंग होने के स्पष्ट संकेत मिलने पर सरकार ने तत्काल परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। यह कदम अभ्यर्थियों के हित में है, क्योंकि धांधली से मेहनती考生 का अधिकार छिन जाता।

अभ्यर्थियों में राहत: नई परीक्षा निष्पक्ष होगी

परीक्षा रद्द होने की खबर से अभ्यर्थियों में राहत की लहर है। हजारों युवा जो महीनों तैयारी कर रहे थे, अब निष्पक्ष परीक्षा की उम्मीद कर रहे हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि नई परीक्षा पूरी पारदर्शिता से होगी। कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह फैसला मेहनतकश अभ्यर्थियों का मनोबल बढ़ाएगा और उन्हें न्याय दिलाएगा।

प्रमुख तथ्य एक नजर में

विवरणजानकारी
परीक्षा नामअसिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा
आयोजन तिथि16-17 अप्रैल 2025
आयोजकउत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC)
निरस्त कारणधांधली, सॉल्वर गैंग, अवैध वसूली
गिरफ्तार आरोपीमहबूब अली, वैभव पाल, विशाल पाल
जांच एजेंसीUP STF
आगे की प्रक्रियानई निष्पक्ष परीक्षा

यह तालिका मामले के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करती है।

सरकार के प्रयास: भर्ती में शुचिता की गारंटी

योगी आदित्यनाथ सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। STF की सक्रियता से धांधली के मामलों में त्वरित कार्रवाई हो रही है। परीक्षा रद्द कर नई परीक्षा का निर्णय अभ्यर्थियों के हित में बड़ा कदम है। सरकार ने साफ कहा – मेहनतकश युवाओं का अधिकार कोई नहीं छीन सकता। यह प्रयास लाखों अभ्यर्थियों को न्याय और अवसर देगा।

अभ्यर्थियों के लिए न्याय की जीत

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा का निरस्त होना धांधली करने वालों के लिए चेतावनी और मेहनती अभ्यर्थियों के लिए राहत है। सरकार का यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा। नई परीक्षा से योग्य考生 को मौका मिलेगा और अपराधियों पर सख्ती बढ़ेगी। योगी सरकार के प्रयासों से युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो रहा है। यह निर्णय जनहित और न्याय की मिसाल है।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: लखनऊ: SIR ड्राफ्ट सूची पर सीएम योगी की सख्ती, मंत्रिमंडल को जमीन पर उतरने के निर्देश – पात्र-अपात्र की पड़ताल और G RAM G योजना का प्रचार

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest

More articles