लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश को देश में एआई आधारित, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का मॉडल राज्य बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सोमवार को लखनऊ में दो दिवसीय ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ शुरू हो रही है। इस सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञ, स्टार्टअप्स, नीति निर्माता और स्वास्थ्य क्षेत्र के दिग्गज हिस्सा लेंगे। यह आयोजन एआई को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़कर आम नागरिक तक बेहतर इलाज पहुंचाने का रोडमैप तैयार करेगा।
कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे बड़े नाम
कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार सिंह, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव भी संबोधित करेंगे। नीति आयोग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), विश्व बैंक, गेट्स फाउंडेशन, गूगल सहित कई संस्थाओं के विशेषज्ञ भी विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेंगे।
पहले दिन का फोकस: उत्तर प्रदेश का विजन और वैश्विक अनुभव
सोमवार को पहले दिन उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश में एआई आधारित स्वास्थ्य नवाचार की दिशा और विजन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद होने वाले सत्रों में वैश्विक स्तर पर हेल्थकेयर में एआई के सफल प्रयोगों, आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में एआई की भूमिका तथा भारतीय राज्यों में एआई की मौजूदा स्थिति पर गहन चर्चा होगी। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, डेटा गवर्नेंस और सुरक्षित एआई अपनाने जैसे विषयों पर भी मंथन होगा।
दूसरे दिन का एजेंडा: व्यावहारिक उपयोग और स्टार्टअप इनोवेशन
मंगलवार को सम्मेलन का दूसरा दिन पूरी तरह व्यावहारिक उपयोग पर केंद्रित रहेगा। एआई के माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने, टेलीमेडिसिन और रिमोट केयर को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर विशेष सत्र होंगे। रेडियोलॉजी, टीबी स्क्रीनिंग, पैथोलॉजी, कैंसर और स्मार्ट मेडिकल डिवाइसेज में एआई के उपयोग से तेज और सटीक जांच की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। स्टार्टअप पिच सत्र और राज्यों के लिए एआई रोडमैप से यह स्पष्ट होगा कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं कैसे अधिक किफायती और सुलभ होंगी।
इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन: लाइव प्रदर्शन
सम्मेलन के दौरान इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन में एआई आधारित हेल्थ सॉल्यूशंस, स्टार्टअप्स और उत्तर प्रदेश में लागू पायलट प्रोजेक्ट्स का लाइव प्रदर्शन किया जाएगा। यह जोन नीति और तकनीक के बीच सेतु का काम करेगा।
प्रमुख बिंदु एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन | यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस 2026 |
| उद्घाटनकर्ता | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
| अवधि | सोमवार से मंगलवार (दो दिवसीय) |
| मुख्य फोकस | एआई आधारित डायग्नोस्टिक्स, टेलीमेडिसिन, स्टार्टअप इनोवेशन |
| प्रमुख अतिथि | जितिन प्रसाद, ब्रजेश पाठक, सुनील कुमार शर्मा, अजीत सिंह पाल, मयंकेश्वर शरण सिंह |
| विशेष जोन | इनोवेशन एंड एक्सपीरियंस जोन (लाइव प्रदर्शन) |
यह सम्मेलन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को एआई आधारित, भविष्य-तैयार और जन-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। एआई के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक तेज, सटीक और किफायती इलाज पहुंचाने का रोडमैप तैयार होगा। देश-विदेश के विशेषज्ञों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बनेगा, बल्कि इनोवेशन और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी नया पावरहाउस बनेगा। यह आयोजन ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।




