Thursday, February 5, 2026
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केंद्रीय बजट 2026 में पर्यटन पर फोकस, कुशीनगर को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बढ़ावा

कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता

केंद्रीय बजट 2026 में पर्यटन और पुरातत्व क्षेत्र पर विशेष फोकस किए जाने से अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ कुशीनगर को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। बजट में देशभर के 15 पुरातत्व स्थलों, 20 प्रमुख टूरिस्ट साइट्स और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे कुशीनगर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास और संरक्षण संभव होगा।

20 टूरिस्ट साइट्स पर शुरू होंगे पायलट प्रोजेक्ट

बजट के तहत देश की 20 प्रसिद्ध टूरिस्ट साइट्स पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, सुव्यवस्थित वातावरण और विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करना है। इसके साथ ही 10 हजार टूरिस्ट गाइडों को प्रशिक्षित कर उनके कौशल को अपग्रेड किया जाएगा, जिससे पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

बौद्ध सर्किट और ईको टूरिज्म को मिलेगा प्रोत्साहन

बजट में नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र में बौद्ध सर्किट के विकास की भी घोषणा की गई है, जिसका लाभ कुशीनगर जैसे बौद्ध स्थलों को अप्रत्यक्ष रूप से मिलेगा। इस योजना के तहत प्राचीन मंदिरों, मठों और बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण पर जोर दिया जाएगा। साथ ही ईको टूरिज्म और नेचर बेस्ड ट्रैवल को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।

पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह

बजट के इन प्रावधानों को लेकर कुशीनगर के टूरिस्ट गाइड, पुरातत्व विभाग और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि इससे न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

टूरिस्ट गाइड ने बताया सराहनीय कदम

कुशीनगर के टूरिस्ट गाइड डॉ. अभय राय ने कहा कि बजट में ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना के साथ पर्यटकों को बेहतर और अनुकूल माहौल देने के लिए 20 स्थलों का चयन कर पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस योजना का विस्तार होना चाहिए, जिससे कुशीनगर का पर्यटन और पुरातत्व और अधिक सशक्त हो सके।

पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण की उठी मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि बजट में पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण को लेकर किए गए प्रावधान देश की सांस्कृतिक धरोहरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, अभी केवल 20 स्थलों को शामिल किया गया है, लेकिन भविष्य में इसका दायरा बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि कुशीनगर जिले के फाजिलनगर क्षेत्र सहित बुद्ध से जुड़े अन्य पुरातात्विक स्थलों को भी प्राथमिकता मिल सके और वे विश्व पटल पर पहचान बना सकें।

  • केंद्रीय बजट में पर्यटन और पुरातत्व पर विशेष फोकस
  • 20 टूरिस्ट साइट्स पर पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
  • 10 हजार टूरिस्ट गाइडों को मिलेगा प्रशिक्षण
  • कुशीनगर पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 में किए गए पर्यटन संबंधी प्रावधान कुशीनगर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलते नजर आ रहे हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक पहचान को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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