सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन वापसी के तहत 25 फरवरी 2026 को साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 40,000 रुपये की धनराशि आवेदक के खाते में वापस कराई। 04 फरवरी 2026 को थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र के लखनापार निवासी मनोज कुमार द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच कर गलत खाते में ट्रांसफर हुई पूरी राशि सफलतापूर्वक रिकवर की। इस कार्रवाई को जनपद में साइबर जागरूकता और त्वरित प्रतिक्रिया का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।
सिद्धार्थनगर गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन वापसी में त्वरित तकनीकी समन्वय
सिद्धार्थनगर गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन वापसी प्रकरण में पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में चलाए जा रहे साइबर क्राइम रिकवरी अभियान के अंतर्गत कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बांसी के पर्यवेक्षण में साइबर सेल ने बैंकिंग चैनलों से समन्वय स्थापित कर ट्रांजेक्शन को ट्रेस किया और नियमानुसार धनराशि होल्ड कराकर वापसी सुनिश्चित की।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आवेदक | मनोज कुमार, लखनापार, जोगिया उदयपुर |
| लेनदेन माध्यम | UPI |
| राशि | ₹40,000 |
| घटना तिथि | 04 फरवरी 2026 |
| वापसी तिथि | 25 फरवरी 2026 |
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर सेल ने संबंधित बैंक और भुगतान प्लेटफॉर्म से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर पूरी प्रक्रिया पूरी की, जिससे धनराशि सुरक्षित रूप से आवेदक के खाते में वापस पहुंच सकी।
कार्रवाई में शामिल रही टीम
- अभय सिंह, थानाध्यक्ष, थाना जोगिया उदयपुर
- उपनिरीक्षक अवधेश यादव, प्रभारी साइबर सेल
- सेनजीत निषाद, कम्प्यूटर ऑपरेटर
- कांस्टेबल विकास कुमार गोंड
- कांस्टेबल मृत्युंजय गुप्ता
- कांस्टेबल अजीत यादव
टीम के समन्वित प्रयासों से पूरी धनराशि समयबद्ध तरीके से वापस कराई जा सकी। आवेदक ने पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।
गलत यूपीआई ट्रांजेक्शन से बचाव के उपाय
- यूपीआई आईडी दर्ज करते समय नाम की पुष्टि अवश्य करें।
- ट्रांजेक्शन से पहले प्राप्तकर्ता का विवरण दोबारा जांचें।
- संदिग्ध या अज्ञात आईडी पर भुगतान न करें।
- गलत ट्रांजेक्शन की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें।
- एनसीआरपी पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज करें।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतें। त्वरित सूचना देने पर धनवापसी की संभावना बढ़ जाती है।
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