सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से महिला सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डुमरियागंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और छेड़छाड़ जैसे संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने इस संबंध में शिकायत सीधे पुलिस अधीक्षक से की है, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो बेटियों के लापता होने से शुरू हुआ मामला
सिद्धार्थनगर में महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए—बरामदगी के नाम पर आर्थिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना और छेड़छाड़ का दावा। शिकायत एसपी तक पहुँची, पर कार्रवाई पर सवाल। डुमरियागंज थाना प्रकरण ने महिला सुरक्षा दावों पर फिर उठाए प्रश्न।#UttarPradesh #Siddharthnagar pic.twitter.com/CKy07zDrAz
— Webvarta News Agency (@webvarta) February 2, 2026
डुमरियागंज थाना क्षेत्र की निवासी राजकुमारी ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि 20 नवंबर 2025 को उनकी दो बेटियां अचानक लापता हो गई थीं। उन्होंने इसकी सूचना स्थानीय थाने में दी, लेकिन आरोप है कि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस ने कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की।
एसपी के हस्तक्षेप के बाद हुई तलाश
बाद में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप पर मोबाइल सर्विलांस के माध्यम से दोनों बेटियों की लोकेशन ट्रेस की गई। जांच में एक बेटी गुजरात और दूसरी मुंबई में पाई गई। इसके बाद पुलिस टीम के साथ महिला को लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ी।
बरामदगी के नाम पर आर्थिक शोषण का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि बेटियों की बरामदगी के दौरान यात्रा, होटल, भोजन और अन्य सभी खर्च उससे ही वसूले गए। आर्थिक रूप से कमजोर महिला पर लगातार दबाव बनाकर खर्च उठवाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से भी टूट गई।
सब इंस्पेक्टर पर छेड़छाड़ और धमकी का आरोप
शिकायत पत्र में सबसे गंभीर आरोप डुमरियागंज थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अरविंद मौर्य पर लगाए गए हैं। महिला का दावा है कि यात्रा के दौरान होटल में उसके साथ जोर-जबरदस्ती करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई।
आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जिन युवकों के साथ उसकी बेटियां मिली थीं, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा महिला और उसकी बेटियों पर गलत बयान देने का दबाव बनाया गया।
बयान दर्ज, लेकिन कार्रवाई शून्य
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी बांसी कार्यालय में महिला और उसकी बड़ी बेटी के बयान दर्ज किए गए, लेकिन इसके बावजूद अब तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
- महिला ने पुलिस पर आर्थिक व मानसिक शोषण के लगाए आरोप
- बरामदगी के दौरान होटल में छेड़छाड़ का दावा
- फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
- अब तक किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं
इस पूरे मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली और महिला सशक्तिकरण के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह है कि इतनी गंभीर शिकायतों के बाद भी क्या खाकी वर्दी कानून से ऊपर है? अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन कब सच्चाई सामने लाकर दोषियों पर कार्रवाई करता है।
👉 अपराध और महिला सुरक्षा से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Web Varta WhatsApp चैनल फॉलो करें
ये भी पढ़ें: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सिद्धार्थनगर के केवीके सोहना का किया निरीक्षण, मखाना–स्ट्रॉबेरी खेती का लिया जायजा








