सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर जेवरात चोरी खुलासा 2026 में थाना खेसरहा पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 20 लाख रुपये की चोरी की वारदात का पर्दाफाश किया है। 28 फरवरी 2026 को वजीराबाद ईंट भट्ठे के पास से एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे और निशानदेही पर सोने-चांदी के गहने तथा ₹1,98,500 नकद बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाल उर्फ छोटू ने शादी में हुए कर्ज को चुकाने के लिए दिसंबर 2025 में ग्राम बरगदवा स्थित एक घर में चोरी की थी।
मामले की शुरुआत 26 फरवरी 2026 को हुई, जब पीड़ित शैलेष गौतम ने थाना खेसरहा में तहरीर देकर बताया कि उनके घर की आलमारी से सोने-चांदी के कीमती जेवर गायब हैं। प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई और तकनीकी व मानवीय स्रोतों से जांच तेज की गई।
कैसे मिला सुराग: इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पतारसी
जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन विश्लेषण और स्थानीय मुखबिर तंत्र से अहम इनपुट मिले। सर्विलांस टीम ने संदिग्ध गतिविधियों को ट्रैक करते हुए आरोपी की मूवमेंट का मिलान किया। 28 फरवरी को तड़के इनपुट की पुष्टि होने पर टीम ने घेराबंदी कर वजीराबाद ईंट भट्ठे के पास से विशाल उर्फ छोटू को दबोच लिया।
तलाशी में चोरी के जेवर बेचकर प्राप्त ₹1,98,500 नकद बरामद हुए। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर से सोने के हार, मंगलसूत्र, मांग टीका, झाला, नथिया और चांदी के कर्धन सहित अन्य आभूषण बरामद किए गए। कुछ गहने नेपाल में बेचे जाने की बात भी सामने आई है, जिसकी पुष्टि के लिए अंतरराज्यीय समन्वय किया जा रहा है।
| मामले का बिंदु | विवरण |
|---|---|
| घटना | घर से जेवरात चोरी (दिसंबर 2025) |
| अनुमानित नुकसान | लगभग ₹20 लाख |
| गिरफ्तारी | 28 फरवरी 2026, वजीराबाद ईंट भट्ठा |
| बरामद नकदी | ₹1,98,500 |
| बरामदगी | सोने-चांदी के आभूषण |
कर्ज का दबाव बना वजह, गुजरात भागने की फिराक
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि शादी में हुए कर्ज के कारण आर्थिक दबाव बढ़ गया था। अवसर मिलते ही उसने घर की रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस को भनक लगने पर वह गुजरात भागने की तैयारी में था, लेकिन संयुक्त टीम ने समय रहते गिरफ्तार कर लिया।
कानूनी धाराओं में बढ़ोतरी, न्यायालय में पेशी
बरामदगी और आरोपी के बयान के आधार पर मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, नेपाल में कथित बिक्री की कड़ी की जांच और संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है।
निगरानी तंत्र और जनजागरूकता का सवाल
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सामुदायिक निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें और कीमती सामान सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल लॉक, सीसीटीवी और पड़ोस निगरानी तंत्र का उपयोग करें।
सराहनीय कार्य पर पुरस्कार
घटना के सफल खुलासे पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने टीम को ₹10,000 के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया है। अधिकारियों ने कहा कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है।
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