सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर में आयोजित दो दिवसीय भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव का गुरुवार को भव्य और गरिमामयी समापन हो गया। उत्तर प्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव ने भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और कलात्मक विविधताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
महोत्सव के माध्यम से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया, जिसमें जनपदवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए कलाकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
द्वितीय दिवस का शुभारंभ पारंपरिक नृत्य से
महोत्सव के दूसरे दिन के कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक बधाई नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद स्थानीय स्कूली छात्रा द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति आधारित नृत्य ने समूचे परिसर में राष्ट्रभक्ति का वातावरण बना दिया।
इसके पश्चात लोक एवं अवधी गायन की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम स्थल को संगीतमय बना दिया, जिस पर दर्शक देर तक तालियां बजाते रहे।
कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभाशाली कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की खूब प्रशंसा बटोरी।
मनोज कुमार (सिद्धार्थनगर), अभिषेक मिश्रा (सीतापुर), मुनीश ज्ञानी (सिद्धार्थनगर), अंकिता सिंह (लखनऊ), लाल बहादुर विश्वकर्मा (सिद्धार्थनगर) तथा पवन कुमार पाण्डेय (सिद्धार्थनगर) की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने विशेष सराहना दी।
बधाई नृत्य और नुक्कड़ नाटक बना आकर्षण
मध्यप्रदेश के सागर से आए सुधीर तिवारी द्वारा प्रस्तुत बधाई नृत्य कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। वहीं संत कबीर नगर के अभय प्रताप मिश्रा द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने भारत-नेपाल मैत्री और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश दिया।
लखनऊ की खुशी शर्मा की होली नृत्य प्रस्तुति ने समापन समारोह में रंग, उल्लास और उत्साह भर दिया।
छात्र-छात्राओं की रचनात्मक सहभागिता
स्काउट एंड गाइड के बच्चों ने योग प्रदर्शन, रंगोली निर्माण और भारत-नेपाल मैत्री विषय पर चित्रकला प्रस्तुत कर कार्यक्रम को संदेशात्मक स्वरूप प्रदान किया।
चिल्ड्रेन गार्डन एजुकेशन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों की देशभक्ति नृत्य प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
संचालन और आयोजन की सराहना
कार्यक्रम का संचालन श्री राणा प्रताप ने प्रभावी और संतुलित ढंग से किया। दोनों दिनों में बड़ी संख्या में नागरिकों, कलाकारों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों और मीडियाकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनपद के लिए एक ऐतिहासिक आयोजन बताया।
अब महराजगंज में होगा अगला आयोजन
आयोजकों ने जानकारी दी कि भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव की श्रृंखला का अगला आयोजन 20 फरवरी 2026 को महराजगंज में एक दिवसीय भव्य कार्यक्रम के रूप में होगा।
इस अवसर पर भी लोक नृत्य, अवधी गायन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों देशों की साझा विरासत का उत्सव मनाया जाएगा।
निष्कर्ष
सिद्धार्थनगर में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री महोत्सव ने सांस्कृतिक एकता, आपसी सौहार्द और पारंपरिक मूल्यों को नई पहचान दी है।
यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक मंच बना, बल्कि दोनों देशों के बीच मित्रता को और अधिक मजबूत करने का सशक्त माध्यम भी सिद्ध हुआ।
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