सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा सील करने का निर्णय नेपाल में होने वाले चुनाव को देखते हुए लिया गया है। प्रशासनिक आदेश के अनुसार 2 मार्च की मध्य रात्रि से 5 मार्च तक भारत–नेपाल सीमा पर आम आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न हो सके। सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा सील के दौरान दोनों देशों के नागरिकों की नियमित आवाजाही बंद रहेगी।
सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा सील: प्रशासन का आधिकारिक आदेश
नेपाल के रुपनदेही जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सीमा पार आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश सुरक्षा कारणों से जारी किया गया है, ताकि मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
| तारीख | स्थिति |
|---|---|
| 2 मार्च (मध्य रात्रि से) | सीमा सील प्रारंभ |
| 3-4 मार्च | पूर्ण प्रतिबंध लागू |
| 5 मार्च | चुनाव प्रक्रिया तक प्रतिबंध |
किन्हें मिलेगी अनुमति
हालांकि, सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा सील के दौरान आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को विशेष अनुमति दी जाएगी। इनमें शामिल हैं—
- एम्बुलेंस सेवाएं
- शव वाहन
- मेडिकल आवश्यकताओं से जुड़े जरूरी वाहन
इन वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के बाद सीमा पार करने की अनुमति दी जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर
सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली सेना और अतिरिक्त नेपाली पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियां भी बॉर्डर पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
सिद्धार्थनगर भारत-नेपाल सीमा सील के मद्देनज़र स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। संयुक्त समन्वय के माध्यम से दोनों देशों की एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित तिथियों के दौरान सीमा पार करने की योजना न बनाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें। चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद सीमा पर सामान्य आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।
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