सिद्धार्थनगर, सन्दीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर साइबर ठगी धनवापसी के तहत 25 फरवरी 2026 को साइबर क्राइम थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 17,500 रुपये की ठगी राशि पीड़िता के खाते में वापस कराई। 08 जनवरी 2026 को आईएमपीएस के माध्यम से कटे रुपये की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी जांच कर पूरी धनराशि वापस दिलाई। इस कार्रवाई को जनपद में साइबर अपराध के विरुद्ध प्रभावी कदम माना जा रहा है।
सिद्धार्थनगर साइबर ठगी धनवापसी में त्वरित तकनीकी कार्रवाई
सिद्धार्थनगर साइबर ठगी धनवापसी प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी अपराध के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना टीम ने समन्वित कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक श्यामसुंदर तिवारी और उनकी टीम ने बैंकिंग चैनलों से समन्वय कर ट्रांजेक्शन को ट्रेस किया और नियमानुसार धनराशि होल्ड कराकर वापसी सुनिश्चित की।
घटना का संक्षिप्त विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़िता | श्रीमती सबा मलिक, परसा नौगढ़, सिद्धार्थनगर |
| लेनदेन माध्यम | IMPS |
| कटे रुपये | ₹17,500 |
| घटना तिथि | 08 जनवरी 2026 |
| वापसी तिथि | 25 फरवरी 2026 |
फ्रॉड की जानकारी मिलते ही पीड़िता ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। त्वरित रिपोर्टिंग के कारण धनवापसी की प्रक्रिया प्रभावी रही।
धनराशि बरामद करने वाली टीम
- प्रभारी निरीक्षक: श्यामसुंदर तिवारी
- निरीक्षक: दानिश आजम
- मुख्य आरक्षी: दिलीप कुमार द्विवेदी
- आरक्षी: रामप्रवेश यादव
- आशुतोष जायसवाल
- आरक्षी: विशाल तिवारी
पीड़िता ने पूरी धनराशि खाते में प्राप्त होने पर पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।
साइबर अपराध से बचाव के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
- बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या पिन किसी से साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले स्रोत की जांच करें।
- मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
- केवल सुरक्षित (https) वेबसाइट पर ही जानकारी दर्ज करें।
- सार्वजनिक वाई-फाई पर ऑनलाइन लेनदेन से बचें।
- साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
पुलिस ने अपील की है कि 24 से 48 घंटे के भीतर शिकायत दर्ज कराने से धनवापसी की संभावना बढ़ जाती है। जागरूकता और त्वरित सूचना ही साइबर अपराध के विरुद्ध सबसे प्रभावी सुरक्षा है।







