Shrimad Bhagwat Katha Lalitpur: भगवान की भक्ति से ही मानव जीवन का कल्याण संभव — स्वामी बाल भरत

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ललितपुर, नेशनल डेस्क | वेब वार्ता

Shrimad Bhagwat Katha Lalitpur के तहत स्थानीय सिद्धपीठ तुवन हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित सप्तदिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर अयोध्या धाम से पधारे कथावाचक स्वामी बाल भरत जी महाराज ने कहा कि भगवान की भक्ति और उनके सत्संग से ही मानव जीवन का कल्याण संभव है।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की भावना निहित है और भगवान की कथा सभी लोकों के हित और जीव के मंगल का मार्ग प्रशस्त करती है।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)

  • Shrimad Bhagwat Katha Lalitpur का आयोजन तुवन हनुमान मंदिर में
  • स्वामी बाल भरत जी महाराज ने कथा के तृतीय दिवस पर किया प्रवचन
  • भगवान के 24 अवतारों का विस्तार से वर्णन
  • भारतीय संस्कृति और सनातन संस्कारों पर दिया विशेष संदेश

भगवान का नाम और कथा जीवन को पवित्र बनाती है

Shrimad Bhagwat Katha Lalitpur के दौरान स्वामी बाल भरत जी महाराज ने कहा कि भगवान का नाम, रूप, लीला और धाम सभी पुण्य प्रदान करने वाले हैं। भगवान की कथा वास्तव में भगवान का ही स्वरूप है और जिस हृदय में यह कथा बस जाती है, उसे भगवान की प्राप्ति अवश्य होती है।

उन्होंने कहा कि सत्संग का प्रत्येक क्षण मनुष्य के पापों का नाश करने वाला होता है और जीवन को सही दिशा प्रदान करता है।

📌 कथा में बताए गए प्रमुख प्रसंग

  • भगवान के 24 अवतारों का वर्णन
  • शुकदेव जी महाराज के जन्म का प्रसंग
  • शिव-पार्वती की अमर कथा
  • महाभारत युद्ध के बाद की घटनाएं

भारतीय संस्कृति से जुड़ने का दिया संदेश

स्वामी बाल भरत जी ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति का अंधानुकरण समाज को पतन की ओर ले जा रहा है। इसलिए माता-पिता का प्रथम कर्तव्य है कि वे अपने बच्चों को भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के संस्कार दें।

उन्होंने कहा कि संस्कारों का पहला केंद्र परिवार होता है और वहीं से समाज का निर्माण होता है।

माता कुंती की भक्ति का किया उल्लेख

कथा के दौरान स्वामी बाल भरत जी ने महाभारत के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि अश्वत्थामा द्वारा पांडवों के पुत्रों की हत्या के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने उत्तरा के गर्भ की रक्षा कर महाराज परीक्षित के जन्म का मार्ग प्रशस्त किया।

उन्होंने माता कुंती की भक्ति का उल्लेख करते हुए बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे वरदान मांगने को कहा तो माता कुंती ने विपत्तियों का वरदान मांगा, क्योंकि विपत्ति में ही मनुष्य भगवान का स्मरण करता है।

🔎 कथा में शामिल प्रमुख लोग

  • महंत रामलखन दास जी महाराज
  • मनोहर लाल पंथ (राज्य मंत्री)
  • धर्मेन्द्र रावत
  • व्यानुजकांत दीक्षित
  • अभिषेक पांडेय, आशीष बिरौरिया, अवध बिहारी उपाध्याय
  • सोनू चौबे, दीपक राठौर, लखन लाल तिवारी

कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 1:30 बजे से किया जा रहा है। कथा के प्रारंभ में प्रतीक जैन, प्रसन्न जैन और कल्याण सिंह यादव द्वारा पोथी पूजन और व्यास पूजन किया गया।

Shrimad Bhagwat Katha Lalitpur में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर भगवान की कथा का रसास्वादन कर रहे हैं।

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