Shahjahanpur Quack Doctor Case: दवा के बाद युवक की मौत, थानों के बीच सीमा विवाद में उलझी कार्रवाई


शाहजहांपुर, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता

Shahjahanpur Quack Doctor Case में उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सामान्य सर्दी-खांसी और बुखार की दवा लेने गए 42 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना अल्हागंज थाना क्षेत्र के गांव सन्हैया निवासी उग्रसेन (पुत्र मदनपाल) के साथ घटी, जो इलाज के लिए जलालाबाद के बझेड़ा चौराहे पर एक कथित अवैध चिकित्सक के पास पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि गलत दवा देने के तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस कार्रवाई थानों के बीच सीमा विवाद में उलझती दिखाई दी।

क्या हुआ उस दिन?

परिवार के अनुसार उग्रसेन को हल्का बुखार, जुकाम और खांसी की शिकायत थी। वे स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के उद्देश्य से बझेड़ा चौराहे पहुंचे, जहां एक व्यक्ति बिना मान्यता के क्लीनिक चलाता है। आरोप है कि उसने दवा खिलाई और इंजेक्शन लगाने की बात कही। दवा लेने के कुछ ही मिनटों बाद उग्रसेन की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी

घबराए परिजन उन्हें तुरंत नगरिया बुजुर्ग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में यह खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

परिवार ने लगाया गंभीर आरोप

मृतक के भाई चंद्रसेन ने आरोप लगाया कि झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही और गलत दवा के कारण उनके भाई की जान गई। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

  • उग्रसेन पांच भाइयों में सबसे बड़े थे।
  • दो माह पहले उनके पिता मदनपाल का निधन हो चुका था।
  • पत्नी वर्षों पहले घर छोड़ चुकी थी।
  • इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी।

परिवार पहले से ही आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा था। ऐसे में यह घटना पूरे परिवार को तोड़ देने वाली साबित हुई।

अस्पताल में हंगामा, पुलिस सीमा विवाद में उलझी

घटना के बाद अस्पताल परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और हंगामा शुरू हो गया। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन यहां से मामला और जटिल हो गया।

जलालाबाद पुलिस का कहना था कि मृतक अल्हागंज क्षेत्र का निवासी है, इसलिए पंचनामा अल्हागंज पुलिस भरेगी। वहीं अल्हागंज थाना प्रभारी ने घटना स्थल जलालाबाद क्षेत्र का बताते हुए जिम्मेदारी उधर डाल दी। इस सीमा विवाद के कारण प्रारंभिक कार्रवाई में देरी हुई।

हालांकि बाद में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए शाहजहांपुर भेज दिया। थाना प्रभारी राजीव तोमर ने बताया कि तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी

Shahjahanpur Quack Doctor Case ने उठाए बड़े सवाल

यह मामला केवल एक व्यक्ति की मृत्यु तक सीमित नहीं है। Shahjahanpur Quack Doctor Case ने ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय अवैध चिकित्सकों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना पंजीकरण और योग्य डिग्री के इलाज करना कानूनन अपराध है, फिर भी ऐसे क्लीनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई मामलों में गलत दवा, ओवरडोज या एलर्जी के कारण अचानक हालत बिगड़ जाती है। यदि प्राथमिक स्तर पर सही चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध हो, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

आगे क्या?

अब पूरे मामले की दिशा पोस्टमार्टम रिपोर्ट तय करेगी। यदि मौत का कारण दवा या इंजेक्शन से जुड़ा पाया जाता है, तो संबंधित कथित चिकित्सक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हो सकता है

फिलहाल परिवार न्याय की मांग कर रहा है और प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि अवैध रूप से प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए


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