लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता
-बलिया की बेटी की जटिल जन्मजात बीमारी पर तीन चरणों में सफल ऑपरेशन, पेशाब पर मिला नियंत्रण
लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉक्टरों ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल जन्मजात बीमारी से पीड़ित युवती का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है। बलिया निवासी यह युवती जन्म से ही दो बच्चेदानी और दो योनि जैसी असामान्य शारीरिक संरचना के साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थी। उसे पेशाब पर कोई नियंत्रण नहीं था और गुदा मार्ग भी पूरी तरह विकसित नहीं हो पाया था, जिससे उसका सामान्य जीवन अत्यंत कठिन हो गया था।
युवती को बचपन से ही पेशाब न रुक पाने की समस्या के कारण डायपर का सहारा लेना पड़ता था। उम्र बढ़ने के साथ परेशानी और बढ़ती गई। शौच संबंधी समस्या के कारण उसे शारीरिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक पीड़ा भी झेलनी पड़ रही थी। स्थानीय स्तर पर कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिल सका। आखिरकार परिजन उसे लखनऊ के लोहिया संस्थान लेकर पहुंचे।
संस्थान में विस्तृत जांच के दौरान डॉक्टरों को पता चला कि युवती तीन गंभीर जन्मजात विकृतियों से ग्रस्त है। उसके शरीर में दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं, पेशाब की नलिकाएं गलत स्थान पर खुल रही थीं और गुदा मार्ग योनि के अत्यंत नजदीक था। यह स्थिति चिकित्सकीय दृष्टि से बेहद जटिल थी।
यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने उपचार की जिम्मेदारी संभाली। विशेषज्ञों ने तीन चरणों में सर्जरी करने की योजना बनाई।
- पहला चरण: गुदा मार्ग को सही स्थान पर विकसित किया गया।
- दूसरा एवं तीसरा चरण: दो अलग-अलग जटिल सर्जरी के माध्यम से पेशाब पर नियंत्रण स्थापित किया गया।
प्रो. धायल के अनुसार तीनों चरणों की सर्जरी पूरी तरह सफल रही। अब युवती को पेशाब पर नियंत्रण मिल गया है और पेट से जुड़ी समस्याएं भी लगभग समाप्त हो चुकी हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह प्रदेश का पहला ऐसा सफल मामला है। सर्जरी के बाद युवती और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली है और वह अब सामान्य जीवन की ओर लौट रही है।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| रोग | जन्मजात: दो यूट्रस, दो वजाइना, गुदा मार्ग विकृति, पेशाब असंयम |
| स्थान | डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ |
| मुख्य डॉक्टर | प्रो. ईश्वर राम धायल (यूरोलॉजी विभाग) |
| सर्जरी चरण | तीन (गुदा मार्ग सुधार + पेशाब नियंत्रण) |
| परिणाम | पूर्ण सफल, पेशाब पर नियंत्रण, सामान्य जीवन संभव |
| विशेषता | प्रदेश का पहला ऐसा सफल केस |
लोहिया संस्थान के डॉक्टरों की यह सफलता चिकित्सा विज्ञान में एक नया अध्याय जोड़ती है। जन्मजात जटिल विकृतियों से जूझ रही युवती को नया जीवन देकर डॉ. ईश्वर राम धायल और उनकी टीम ने न केवल एक परिवार की उम्मीदें जगाई हैं, बल्कि प्रदेश में दुर्लभ सर्जरी के क्षेत्र में नया विश्वास भी पैदा किया है।
हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें
ये भी पढ़ें: एआई से पूरी तरह बदल जाएगी गांव की स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर: डॉ. पिंकी जोवल




