हरदोई, संवाददाता | वेब वार्ता
मानवता और आंतरिक शांति के विषय पर अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता एवं विश्व शांति दूत डॉ. श्री प्रेम रावत पिछले 51 वर्षों से दुनिया भर में शांति का संदेश प्रसारित कर रहे हैं। उनका मानना है कि जिस शांति की तलाश मनुष्य बाहरी संसार में करता है, वह वास्तव में उसके अपने भीतर ही विद्यमान होती है।
आंतरिक शांति को बताते हैं जीवन की मूल आवश्यकता
डॉ. श्री प्रेम रावत अब तक करोड़ों लोगों को अपने लाइव कार्यक्रमों और विभिन्न मीडिया माध्यमों के जरिए संबोधित कर चुके हैं। उनका मुख्य संदेश है कि आंतरिक शांति प्रत्येक मनुष्य की मूल आवश्यकता है। जब व्यक्ति स्वयं में शांति का अनुभव करता है, तभी समाज और विश्व में स्थायी शांति की स्थापना संभव हो पाती है।
विश्व के प्रतिष्ठित मंचों से दिया शांति संदेश
डॉ. श्री प्रेम रावत ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मंचों, यूरोपियन पार्लियामेंट तथा यूनाइटेड किंगडम, इटली, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और न्यूजीलैंड की संसदों सहित विश्व के अनेक प्रतिष्ठित मंचों से शांति और मानवता का संदेश दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संसदों में संबोधन
- शैक्षणिक, सामाजिक और सरकारी संस्थानों में संवाद
- मानवता और आत्मिक शांति पर केंद्रित संदेश
शैक्षणिक संस्थानों और कारागारों में भी संवाद
डॉ. श्री प्रेम रावत ने ऑक्सफोर्ड और हारवर्ड विश्वविद्यालय, आईआईटी दिल्ली, आईएसबी हैदराबाद, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (दिल्ली), तिहाड़ जेल, केंद्रीय कारागार हैदराबाद और नारी बंदी निकेतन लखनऊ सहित अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में स्वयं जाकर शांति आधारित कार्यक्रमों को संबोधित किया है।
द प्रेम रावत फाउंडेशन की मानवीय पहल
शांति संदेश के साथ-साथ वे “द प्रेम रावत फाउंडेशन” के माध्यम से परोपकारी कार्यों में भी सक्रिय हैं। फाउंडेशन की जन भोजन योजना के तहत झारखंड, नेपाल और घाना में जरूरतमंद लोगों और बच्चों को प्रतिदिन पौष्टिक भोजन तथा स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
फर्रुखाबाद में शांति महोत्सव प्रचार कैंप
मानवता और शांति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनपद फर्रुखाबाद के ग्राम कन्हऊ याकूबपुर में शांति महोत्सव प्रचार कैंप का आयोजन किया गया है। यह कैंप 10 जनवरी से 18 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक संचालित होगा, जिसमें डे-नाइट स्क्रीन के माध्यम से प्रेरणादायक संदेशों का प्रसारण किया जा रहा है।
निष्कर्ष: शांति का संदेश, मानवता की दिशा
डॉ. श्री प्रेम रावत का संदेश यह स्पष्ट करता है कि शांति कोई बाहरी लक्ष्य नहीं, बल्कि हर मनुष्य के भीतर मौजूद अनुभूति है। उनके विचार आज के अशांत समय में मानवता को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।




