शाहजहांपुर/परौर, रामनिवास शर्मा | वेब वार्ता
शाहजहांपुर: परौर थाना क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा इन दिनों विवादों में घिरी हुई है। ग्रामीणों, युवाओं और छोटे व्यापारियों का आरोप है कि बैंक में आम जनता का काम नियमों के अनुसार नहीं, बल्कि कथित दलालों के माध्यम से ही कराया जाता है। लोगों का कहना है कि बिना दलाल की मदद के न तो खाता खुलवाना संभव है, न ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना या स्वरोज़गार से जुड़े लोन स्वीकृत होते हैं।
बैंक में ‘बिना दलाल काम नहीं’ की धारणा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बैंक परिसर और उसके आसपास कथित दलालों का नेटवर्क सक्रिय है, जो स्वयं को “काम कराने वाला” बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। ये दलाल लोन, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), खाता खुलवाने और सरकारी योजनाओं के लिए “तेज़ फाइल पास कराने” का दावा करते हैं। वहीं, जब आम नागरिक सीधे बैंक में आवेदन करता है, तो कभी फॉर्म की कमी, कभी दस्तावेज अधूरे होने या रिपोर्ट लंबित होने का हवाला देकर उसकी फाइल महीनों तक लटका दी जाती है।
सरकारी योजनाओं की साख पर सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, आत्मनिर्भर भारत और बिना गारंटी ऋण जैसी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहा। कई युवाओं ने बताया कि उन्होंने स्वरोज़गार लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन महीनों तक बैंक के चक्कर लगाने के बाद भी मंजूरी नहीं मिली। एक युवक ने बताया कि “बैंक में हर बार नई कमी बताई जाती रही, लेकिन जब एक दलाल से संपर्क हुआ, तो उसने कहा कि यदि ‘खर्चा’ दिया जाए, तो फाइल कुछ ही दिनों में पास हो जाएगी।”
एकमात्र बैंक शाखा पर ग्रामीणों की निर्भरता
परौर और आसपास के कई गांवों के लिए यह शाखा लगभग एकमात्र राष्ट्रीयकृत बैंक है। ऐसे में ग्रामीणों के पास दूसरा विकल्प नहीं है। लोग सुबह से लाइन में लगते हैं और शाम तक प्रतीक्षा के बाद भी कई बार “सिस्टम नहीं चल रहा” या “कल आना” कहकर लौटा दिए जाते हैं। इस कारण बुजुर्ग, महिलाएं और किसान लगातार परेशान हैं और बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है।
शिकायतों के बावजूद सक्रिय हैं दलाल
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, बैंक से जुड़े कुछ दलालों पर पहले भी शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि बैंक परिसर के आसपास वही लोग खुलेआम सक्रिय हैं, जिन पर पहले आरोप लगाए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जनप्रतिनिधियों को सौंपी गई लिखित शिकायतें
बैंक की कथित अनियमितताओं से परेशान लोगों ने जनप्रतिनिधियों को लिखित शिकायतें दी हैं। शिकायतों में दलालों के जरिए फाइल पास कराने, संदिग्ध लोन स्वीकृति, और आम जनता को परेशान करने जैसी बातें दर्ज हैं। जनप्रतिनिधियों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच का भरोसा दिया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बैंक परिसर में जनसुनवाई आयोजित की जाए ताकि लोगों की समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंच सकें।
- बैंक ऑफ बड़ौदा परौर शाखा पर ‘दलालों के ज़रिए काम’ कराने के आरोप।
- सरकारी लोन योजनाओं में पारदर्शिता की कमी से जनता में नाराजगी।
- बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को रोजाना करना पड़ता है बैंक का चक्कर।
- जनप्रतिनिधियों को सौंपा गया ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि बैंक से जुड़े सभी संदिग्ध लोन मामलों की जांच कराई जाए, दलाल तंत्र पर सख्त कार्रवाई हो और आम जनता को बिना किसी बिचौलिये के बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन और बैंक प्रबंधन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और परौर क्षेत्र की जनता को राहत देने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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