बलरामपुर, क़मर खान | वेब वार्ता
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ‘पराक्रम दिवस’ के अवसर पर 23 जनवरी 2026 को प्रस्तावित नागरिक सुरक्षा मॉक-ड्रिल को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने जनपद के सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधिकारियों के साथ एक आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित की।
स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश
बैठक के दौरान सीएमओ ने मॉक-ड्रिल के समय स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सरकारी चिकित्सालय, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलर्ट मोड में रहें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए।
एम्बुलेंस व प्राथमिक उपचार व्यवस्था पर विशेष ध्यान
सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने कहा कि मॉक-ड्रिल के दौरान एम्बुलेंस सेवाओं की पर्याप्त तैनाती, प्राथमिक उपचार की समुचित व्यवस्था तथा गंभीर घायलों के त्वरित उपचार की कार्ययोजना पहले से तय होनी चाहिए। सभी चिकित्सा अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा प्रबंधन किया जा सके।
आपदा प्रबंधन में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका अहम
बैठक को संबोधित करते हुए सीएमओ ने कहा कि मॉक-ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा या विषम परिस्थितियों में स्वास्थ्य विभाग की तत्परता को परखना और उसे और अधिक सुदृढ़ करना है। ऐसे अभ्यासों से कमियों की पहचान होती है, जिससे वास्तविक आपदा के समय प्रभावी और सुव्यवस्थित सेवाएं दी जा सकें।
- सभी चिकित्सा इकाइयों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश
- एम्बुलेंस सेवाओं की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित
- प्राथमिक उपचार व आपात चिकित्सा प्रबंधन पर फोकस
- ब्लॉक स्तर पर समन्वित कार्यवाही के निर्देश
- जनसहयोग से मॉक-ड्रिल को सफल बनाने की अपील
सीएमओ ने आमजन से भी मॉक-ड्रिल के दौरान प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की जागरूकता और सहभागिता से ही इस तरह के अभ्यास सफल होते हैं और भविष्य में किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
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