Wednesday, February 11, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

आधुनिक बीज नीति से बढ़ेगी प्रति हेक्टेयर उत्पादकता: मुख्यमंत्री योगी

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कृषि उत्पादन की असली ताकत उच्च गुणवत्ता वाले, भरोसेमंद और प्रमाणित बीज हैं। भूमि जोत लगातार घट रही है, ऐसे में अब रकबे के बजाय प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने पर फोकस करना होगा। इसके लिए प्रदेश में एक आधुनिक और दीर्घकालिक बीज नीति तैयार की जाए, जो आने वाले वर्षों की कृषि चुनौतियों का समाधान दे सके।

संकर बीजों में बाहरी निर्भरता खत्म करने पर जोर

बीज नीति की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रमाणित बीज की कहीं भी कमी न हो और संकर बीजों के मामले में बाहरी राज्यों या कंपनियों पर निर्भरता समाप्त कर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च उपज देने वाली, रोग-प्रतिरोधी और जलवायु-सहिष्णु किस्मों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

हर बीज की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों तक पहुंचने वाले हर बीज पैकेट की एंड-टू-एंड ट्रेसेबिलिटी सुनिश्चित की जाए। मिलावटी और अमानक बीजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण की पूरी श्रृंखला में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए, ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

बीज अनुसंधान और किस्म रिलीज़ प्रक्रिया होगी तेज

मुख्यमंत्री ने कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, उपकार और निजी बीज उद्योग को एक साझा मंच पर लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीज अनुसंधान, नवाचार और नई किस्मों की रिलीज़ प्रक्रिया को तेज करना समय की आवश्यकता है, ताकि किसानों को तेजी से उन्नत बीज उपलब्ध हो सकें।

अगले पांच वर्षों में पांच ‘सीड पार्क’ होंगे स्थापित

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने दलहन, तिलहन, मक्का, बाजरा, ज्वार और बागवानी फसलों के बीजों पर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में प्रदेश में कम से कम पांच आधुनिक ‘सीड पार्क’ स्थापित किए जाएंगे, जिनमें उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण की एकीकृत सुविधाएं होंगी।

कृषि विज्ञान केंद्र बनेंगे बीज विकास के केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को बीज विकास कार्यक्रमों से सीधे जोड़ा जाए। साथ ही, प्रदेश के नौ क्लाइमेटिक ज़ोन के अनुरूप एक-एक कृषि विज्ञान केंद्र को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाए। प्रगतिशील किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़कर स्थानीय स्तर पर गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता बढ़ाई जाए।

ट्यूबवेलों के सौर ऊर्जीकरण को मिलेगी गति

कृषि में ऊर्जा दक्षता बढ़ाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अधिकाधिक ट्यूबवेलों का सौर ऊर्जीकरण किया जाए। इससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी। उन्होंने प्रदेश के स्थानीय सोलर पैनल निर्माताओं को प्राथमिकता देने को भी कहा, जिससे रोजगार, निवेश और कृषि अवसंरचना को मजबूती मिलेगी।

  • आधुनिक बीज नीति से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में वृद्धि
  • मिलावटी बीजों पर सख्त कार्रवाई
  • पांच वर्षों में पांच सीड पार्क की स्थापना
  • स्थानीय सोलर उद्योग को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नई बीज नीति किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को टिकाऊ बनाने और उत्तर प्रदेश को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर राज्य के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

👉 कृषि और किसान हित से जुड़ी बड़ी खबरों के लिए Web Varta WhatsApp चैनल फॉलो करें

ये भी पढ़ें: गन्ने के साथ अंतःफसली खेती बनेगी किसानों की आय बढ़ाने का नया मॉडल: मुख्यमंत्री योगी

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img
spot_img

Latest

spot_img
spot_img

More articles

spot_img