मेरठ, वेब वार्ता ब्यूरो | वेब वार्ता
मेरठ कैंट क्षेत्र की मॉल रोड स्थित इंडियन बैंक शाखा में ग्राहकों को सेवा में भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। खाते में पर्याप्त धनराशि होने के बावजूद बैंक ने वैध चेक का भुगतान करने से इनकार कर दिया। बैंक कर्मियों का कहना था कि “बैंक में कैश नहीं है”, जिसके चलते ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा। यह मामला बैंकिंग नियमों की अनदेखी और ग्राहक सेवा में लापरवाही का उदाहरण बन गया है।
खाते में पैसे, फिर भी नहीं हुआ भुगतान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक खाताधारक 17 जनवरी 2026 को दोपहर लगभग 12:45 बजे अपने चालू खाते से ₹25,000 निकालने के लिए इंडियन बैंक, मॉल रोड, मेरठ कैंट शाखा पहुंचे। उन्होंने वैध चेक प्रस्तुत किया, परंतु भुगतान काउंटर पर मौजूद कैशियर / क्लर्क ने यह कहते हुए भुगतान से इनकार कर दिया कि “बैंक में नकदी उपलब्ध नहीं है।” खाता धारक लगभग 1:15 बजे तक इंतजार करते रहे, पर स्थिति नहीं बदली।
मुख्य प्रबंधक से भी नहीं मिला समाधान
ग्राहक ने मामले की शिकायत शाखा की मुख्य प्रबंधक अरबीला महोदया से की, लेकिन उन्होंने भी वही कारण बताते हुए भुगतान कराने में असमर्थता जताई। खाता धारक ने लगभग आधे घंटे तक और इंतजार किया, परंतु स्थिति जस की तस बनी रही। बताया जा रहा है कि 12:30 से 16:00 बजे तक बैंक में नकदी की भारी कमी बनी रही, जिससे कई उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
- खातों में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद ग्राहकों को नकद भुगतान नहीं मिला।
- बैंक प्रबंधन ने “कैश की कमी” को कारण बताया।
- ग्राहकों में असंतोष, कहा – यह बैंकिंग नियमों का उल्लंघन है।
आरबीआई गाइडलाइन की अनदेखी?
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि चेक वैध है और खाते में धनराशि मौजूद है, तो बैंक द्वारा भुगतान रोकना भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की गाइडलाइनों के विरुद्ध है। बैंक की आंतरिक नकदी व्यवस्था की कमी का खामियाजा ग्राहक पर नहीं डाला जा सकता। ऐसे मामलों को “सेवा में कमी” (Deficiency in Service) की श्रेणी में माना जाता है, जिसके लिए बैंक जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
ग्राहकों का भरोसा दांव पर
यह घटना बैंक की विश्वसनीयता और ग्राहक सेवा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। मेरठ कैंट जैसे प्रमुख क्षेत्र में स्थित शाखा में नकदी की कमी बैंक प्रबंधन की प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। खाताधारक ने कहा है कि वह इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों एवं RBI से करेंगे, ताकि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो सके। अब देखना यह होगा कि बैंक प्रबंधन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है और क्या ग्राहक सेवा की साख को पुनः स्थापित कर पाता है।
निष्कर्ष: बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल
मेरठ कैंट स्थित इंडियन बैंक शाखा में “कैश नहीं” कहकर भुगतान से इनकार ग्राहकों के विश्वास को झटका देने वाला मामला है। यह न केवल बैंकिंग व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि जब बैंक में ग्राहकों की मेहनत की कमाई मौजूद है, तो उन्हें अपने ही पैसों के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है?




