सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता
सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित राम राम कुश्ती दंगल का समापन रविवार को भव्य समारोह के साथ हुआ। दो दिनों तक चले इस पारंपरिक आयोजन में नेपाल, भूटान, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के नामचीन पहलवानों ने अपने दांव–पेंच से हजारों दर्शकों का मन मोह लिया।
राम राम केसरी का खिताब राजस्थान के नरेश पहलवान के नाम
राप्ती नदी तट स्थित परशुराम वाटिका में धर्म रक्षा मंच के तत्वावधान में आयोजित इस दंगल के फाइनल मुकाबले में राजस्थान के नरेश पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश केशरी सर्वेश तिवारी को पराजित कर ‘राम राम केसरी’ का खिताब अपने नाम किया।
विजेता नरेश पहलवान को ₹21,000 नकद पुरस्कार, गदा और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में नेपाल, भूटान, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों से आए 56 से अधिक पहलवानों ने भाग लिया।
कुश्ती के रोमांचक मुकाबलों में उमड़ा जनसैलाब
दो दिवसीय दंगल में पारंपरिक और आधुनिक तकनीकों का संगम देखने को मिला। पहलवानों के दांव–पेंच पर दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से मैदान गूंजता रहा। हजारों की भीड़ ने हर मुकाबले का रोमांच बढ़ा दिया।
आयोजन में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और अधिकारी
कार्यक्रम का शुभारंभ मंडलायुक्त अखिलेश सिंह, सदर विधायक श्यामधनी राही, एडीएम गौरव श्रीवास्तव और पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी, जिसके चलते आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस विभाग, आयोजक समिति एवं स्थानीय स्वयंसेवकों की भूमिका सराहनीय रही।
- राम राम कुश्ती दंगल का आयोजन परशुराम वाटिका, राप्ती तट पर हुआ।
- नेपाल–भूटान सहित देश के कई राज्यों के 56 पहलवानों ने भाग लिया।
- राजस्थान के नरेश पहलवान बने ‘राम राम केसरी’, ₹21,000 से सम्मानित।
- हजारों दर्शकों की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ मौनी अमावस्या का दंगल।
आयोजन समिति ने घोषणा की कि अगले वर्ष दंगल को और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि पारंपरिक कुश्ती की इस गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके।




