सिद्धार्थनगर, संदीप पाण्डेय | वेब वार्ता
जनपद सिद्धार्थनगर में आगामी “माघ मेला बांसी” को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है। तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने 16 जनवरी 2026 को माघ मेला स्थल का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की स्थिति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासन को दिए सख्त दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि मेला क्षेत्र में स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने कहा कि भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का पालन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें।
- डीएम–एसपी ने माघ मेला स्थल का किया संयुक्त निरीक्षण
- सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता पर दिए गए सख्त निर्देश
- श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश
मेला क्षेत्र में तैनात होंगे अधिकारी-कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी बांसी, प्रभारी निरीक्षक बांसी सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मेला अवधि के दौरान सभी विभागों की ड्यूटी तय कर दी जाएगी ताकि किसी भी स्थिति में समन्वय बना रहे और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। डीएम–एसपी ने कहा कि माघ मेला बांसी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी का भी बड़ा अवसर है, इसलिए सभी विभाग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दें।
निष्कर्ष: श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
माघ मेला बांसी की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों से स्पष्ट है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और कानून-व्यवस्था प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में सभी विभागों द्वारा अंतिम रूप से व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाएगा ताकि मेला सकुशल संपन्न हो सके।




