Wednesday, January 14, 2026
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लखनऊ-सुल्तानपुर एनएच-56 का फोरलेनिंग प्रोजेक्ट समय पर पूरा: PRAGATI की निगरानी से सुलझी चुनौतियां, 2016 करोड़ की लागत से पूर्वी यूपी को मिली नई गति

लखनऊ, अजय कुमार | वेब वार्ता

लखनऊ से सुल्तानपुर तक 127 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-56 को चार लेन में बदलने का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो गया है। यह कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत एनएचएआई द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मोड पर किया गया, जिसकी कुल लागत 2016 करोड़ रुपये रही। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली PRAGATI बैठक की निगरानी से भूमि अधिग्रहण, वन कटाई और निर्माण संबंधी बाधाएं दूर हुईं, जिससे यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए विकास का नया अध्याय बन गया। लखनऊ (24 किमी), बाराबंकी (29 किमी), अमेठी (53 किमी) और सुल्तानपुर (21 किमी) जिलों से गुजरते इस मार्ग पर एक बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, एक आरओबी, 259 कलवर्ट, 10 अंडरपास, 113 जंक्शन और 7 बायपास बनाए गए हैं।

प्रोजेक्ट की चुनौतियां और PRAGATI का प्रभाव

प्रोजेक्ट की शुरुआत में कुल 686 हेक्टेयर भूमि की जरूरत थी, लेकिन उपलब्ध मात्र 337 हेक्टेयर थी। भूमि अधिग्रहण, वन कटाई में देरी और निर्माण संबंधी कुल तीन प्रमुख समस्याओं ने कार्य को बाधित किया। 25 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री की PRAGATI बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार को शेष 349 हेक्टेयर भूमि तुरंत अधिग्रहित कर हस्तांतरित करने और मुआवजा वितरित करने के सख्त निर्देश दिए गए। सड़क मंत्रालय को राज्य सरकार के साथ समन्वय कर कार्य गति बनाए रखने को कहा गया।

निर्देशों के बाद नोटिफिकेशन, पुरस्कार वितरण और पेड़ कटाई का काम तेज हुआ। एनएचएआई ने संसाधनों का जमावड़ा बढ़ाया और बाधारहित निर्माण सुनिश्चित किया। परिणामस्वरूप 30 अप्रैल 2019 को प्रोजेक्ट 100 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ चालू हो गया। पीएमजी प्लेटफॉर्म पर दर्ज सभी मुद्दे सुलझ गए।

विकास और लाभ: पूर्वी यूपी को नई दिशा

इस प्रोजेक्ट से लखनऊ के प्रशासनिक-औद्योगिक केंद्रों और सुल्तानपुर के कृषि क्षेत्र के बीच यात्रा समय काफी कम हो गया। बाराबंकी और अमेठी के चावल, गन्ना व दालों जैसे उत्पाद तेजी से मंडियों तक पहुंचने लगे, जिससे किसानों की आय बढ़ी। सात बायपास बनने से कस्बों में जाम कम हुआ, सड़क सुरक्षा बेहतर हुई तथा एमएसएमई, गोदाम, खुदरा व्यापार और कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा मिला। निर्माण के दौरान हजारों रोजगार सृजित हुए, जो अब टोलिंग व रखरखाव में जारी हैं, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश में संतुलित विकास को बल मिला।

प्रमुख तथ्य एक नजर में

विवरणजानकारी
कुल लंबाई127 किमी (चार लेन)
कुल लागत2016 करोड़ रुपये
मोडहाइब्रिड एन्युटी
निर्माणाधीन पुल/संरचनाएं1 बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, 1 आरओबी, 259 कलवर्ट, 10 अंडरपास, 113 जंक्शन, 7 बायपास
भूमि अधिग्रहणकुल 686 हेक्टेयर (शुरुआत में 337 उपलब्ध)
PRAGATI बैठक तिथि25 अप्रैल 2018
पूरा होने की तिथि30 अप्रैल 2019

यह तालिका प्रोजेक्ट के मुख्य तथ्यों को स्पष्ट करती है।

सरकार के प्रयास: समयबद्ध विकास और चुनौतियों का समाधान

पीएमजी और PRAGATI जैसे मंचों से केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय मजबूत हुआ। भूमि अधिग्रहण और वन कटाई जैसी जटिल समस्याएं हल हुईं। यह प्रोजेक्ट पूर्वी उत्तर प्रदेश में संतुलित विकास और आर्थिक प्रगति की मिसाल है।

निष्कर्ष: विकास की नई गति

लखनऊ-सुल्तानपुर एनएच-56 का फोरलेनिंग प्रोजेक्ट समय पर पूरा होना पूर्वी यूपी के लिए विकास की नई गति है। PRAGATI की निगरानी से चुनौतियां सुलझीं और जनता को बेहतर कनेक्टिविटी मिली। किसानों की आय बढ़ी, रोजगार सृजित हुए और सड़क सुरक्षा मजबूत हुई। ऐसे प्रोजेक्ट देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणा हैं।

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