लखनऊ, अजय कुमार (वेब वार्ता)। कल्याण सिंह कैंसर संस्थान, लखनऊ में 20 सितंबर 2025 को निश्चेतना विभाग द्वारा रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका उद्देश्य कैंसर रोगियों में दीर्घकालिक दर्द के उपचार की नवीनतम तकनीक को समझाना और चिकित्सकों को प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट, विभागाध्यक्ष प्रो. आसिम रशीद और विशिष्ट अतिथि मैक्स अस्पताल, साकेत, नई दिल्ली से डॉ. साईप्रिया तिवारी उपस्थित रहीं। RFA तकनीक कैंसर रोगियों के विभिन्न अंगों में होने वाले पुराने दर्द से राहत दिलाती है। प्रो. भट्ट ने कहा, “ऐसे प्रशिक्षण चिकित्सकों को अत्याधुनिक तकनीकों का अनुभव देते हैं, जिससे उत्तर प्रदेश और देश के कैंसर रोगियों को बेहतर उपचार मिलेगा।”
कार्यशाला का प्रभाव: मुफ्त इलाज और प्रशिक्षण
RFA एक ऐसी तकनीक है, जो निजी अस्पतालों में ₹1.25 से ₹1.5 लाख की लागत में उपलब्ध है। इस कार्यशाला में 5 मरीजों का इस तकनीक से मुफ्त इलाज किया गया, जो संस्थान की सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- प्रशिक्षण का उद्देश्य: चिकित्सकों को RFA तकनीक में प्रशिक्षित करना।
- लाभ: कैंसर रोगियों के लिए दर्द प्रबंधन में सुधार।
- मुफ्त इलाज: 5 मरीजों को मुफ्त RFA प्रक्रिया।
विशेषज्ञों की भूमिका: तकनीकी प्रगति पर जोर
प्रो. आसिम रशीद ने RFA की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. साईप्रिया तिवारी ने इसके व्यावहारिक अनुप्रयोग साझा किए। प्रो. भट्ट ने कहा, “ऐसे आयोजन चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार लाते हैं।” 2024 के स्वास्थ्य मंत्रालय डेटा के अनुसार, भारत में 14 लाख नए कैंसर मामले सामने आते हैं, और दर्द प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। RFA जैसे उपचार इस दिशा में क्रांतिकारी हैं।









