ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
ललितपुर नगर पालिका बैठक विवाद को लेकर इन दिनों नगर पालिका परिसर में विकास कार्यों से अधिक बैठकों और अंदरूनी खींचतान की चर्चा हो रही है। 25 फरवरी 2026 को पालिका अध्यक्षा, अधिशासी अधिकारी और पार्षदों के बीच चल रहे मतभेदों को सुलझाने के उद्देश्य से एक बंद कमरे में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, लेकिन लंबे मंथन के बावजूद कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आ सका। इससे नगरवासियों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ललितपुर नगर पालिका बैठक विवाद में फिर बेनतीजा रही बैठक
ललितपुर नगर पालिका बैठक विवाद के बीच आयोजित इस बैठक में पालिका अध्यक्षा, उनके परिजन, अधिशासी अधिकारी और पार्षद आमने-सामने बैठे। बैठक से पहले लोगों को उम्मीद थी कि इस बार विकास कार्यों को लेकर कोई ठोस फैसला लिया जाएगा।
करीब लंबे समय तक चली इस बैठक में मान-मनौव्वल, तर्क-वितर्क और समझाइश का दौर चलता रहा, लेकिन अंत में बाहर आए प्रतिनिधियों ने केवल यही कहा कि बातचीत अभी जारी है।
बैठक के बीच बदला माहौल, अलग-अलग हुई चर्चा
बैठक के दौरान एक दिलचस्प स्थिति तब बनी जब पालिका अध्यक्षा और अधिशासी अधिकारी बीच में ही बाहर निकल गए। इसके बाद अध्यक्षा के परिजन ने पार्षदों के साथ अलग से बंद कमरे में चर्चा की।
इस अलग बैठक से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद जरूर जगी, लेकिन फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
टेंडर प्रक्रिया को लेकर बढ़ा विवाद
ललितपुर नगर पालिका बैठक विवाद के पीछे हाल ही में हुई टेंडर प्रक्रिया को भी मुख्य कारण माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका द्वारा जारी किए गए टेंडर रद्द होने के बाद अध्यक्षा, अधिशासी अधिकारी और पार्षदों के बीच मतभेद और गहरे हो गए हैं।
| मुद्दा | स्थिति | प्रभाव |
|---|---|---|
| टेंडर प्रक्रिया | रद्द / लंबित | कार्य ठप |
| आपसी मतभेद | लगातार जारी | निर्णय में देरी |
| ठेकेदार | असंतुष्ट | आर्थिक नुकसान |
टेंडर न खुल पाने के कारण कई विकास कार्य रुके हुए हैं, जिससे ठेकेदारों और आम नागरिकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विकास कार्यों पर पड़ रहा नकारात्मक असर
नगर पालिका में लगातार चल रही बैठकों और मतभेदों का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ रहा है। सड़कों की मरम्मत, नालियों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।
- सड़क मरम्मत कार्य रुका
- नालियों की सफाई में देरी
- पेयजल व्यवस्था प्रभावित
- स्ट्रीट लाइट की समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि बैठकों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन जमीन पर काम दिखाई नहीं दे रहा।
नगरवासियों में बढ़ती नाराजगी
ललितपुर नगर पालिका बैठक विवाद के चलते नगरवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि चुने हुए प्रतिनिधियों और अधिकारियों की आपसी खींचतान का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
नगरवासियों को उम्मीद थी कि नई बैठक के बाद स्थिति सुधरेगी, लेकिन परिणाम न निकलने से उनकी निराशा और गहरी हो गई है।
आने वाली बैठक पर टिकी निगाहें
अब सभी की निगाहें अगली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें नगर पालिका से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ठोस निर्णय की उम्मीद की जा रही है।
जनता का कहना है कि अब केवल बैठकों का दौर नहीं, बल्कि वास्तविक फैसलों और धरातल पर काम की जरूरत है।
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