ललितपुर, अलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
जनसुनवाई को केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्रशासन की जवाबदेही का मजबूत माध्यम बताते हुए ललितपुर के जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाकर तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।
अमृत योजना के तहत जल रिसाव पर तीन दिन का अल्टीमेटम
जनसुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता सुनील जैन ने शहर के तालाबपुरा स्थित बिदुआ कॉलोनी में अमृत योजना अंतर्गत जल जीवन मिशन की पाइपलाइन से लगातार हो रहे जल रिसाव की शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे को तलब किया और जल निगम व संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि तीन दिवस के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कर समस्या का पूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कार्यवाही की लिखित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।
जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने स्पष्ट किया कि अमृत योजना और जल जीवन मिशन जैसी जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
- अमृत योजना के कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश
- तीन दिन में जल रिसाव की समस्या के समाधान का आदेश
- कार्यदायी संस्थाओं पर सख्त निगरानी के निर्देश
चकबंदी के मामलों का मौके पर निस्तारण
जनसुनवाई के दौरान चकबंदी से संबंधित प्रकरणों पर भी जिलाधिकारी ने विशेष ध्यान दिया। जिला बंदोबस्त अधिकारी एवं संबंधित चकबंदी अधिकारियों को बुलाकर कई मामलों की गहन समीक्षा की गई। आपसी सहमति और नियमों के अनुरूप कई प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कराया गया, जबकि शेष लंबित मामलों में शीघ्र एवं पारदर्शी कार्यवाही कर आमजन को राहत देने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, समाधान है
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसामान्य की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए, जिससे शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जनता तक पहुंच सके।
निष्कर्ष: सुशासन की मिसाल बना ललितपुर
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की इसी कार्यशैली और जनता के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण के कारण प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जनपद ललितपुर को 6वां स्थान प्राप्त हुआ है। जिले को 96.43 प्रतिशत अंकों के साथ 80 प्रतिशत से अधिक संतुष्टि फीडबैक मिला है, जो यह दर्शाता है कि यहां शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनअपेक्षाओं के अनुरूप किया जा रहा है। यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और सुशासन का सशक्त उदाहरण है।
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