ललितपुर, आलोक चतुर्वेदी | वेब वार्ता
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत ललितपुर में यातायात पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त पहल से कलेक्ट्रेट परिसर में एक प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आपदा मित्रों एवं सिविल डिफेंस के सदस्यों को यातायात नियमों के पालन और आपदा प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और क्षेत्राधिकारी यातायात राजेश श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यातायात पुलिस एवं आपदा विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रशिक्षण ने प्रतिभागियों को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें आम जनमानस को सुरक्षित बनाने का संकल्प भी दिलाया। यह पहल योगी सरकार के सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो प्रदेश में दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य और महत्व
कार्यक्रम का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आपदा के समय प्रभावी प्रबंधन पर रहा। यातायात पुलिस ने बताया कि ललितपुर जैसे जनपदों में जहां यातायात का दबाव बढ़ रहा है, वहां नियमों का पालन न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि सामूहिक रूप से समाज को मजबूत बनाता है। आपदा विशेषज्ञों ने ललितपुर में प्रमुख आपदाओं जैसे अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा, वज्रपात और डूबने की घटनाओं पर चर्चा की, जो अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं। प्रशिक्षण में तात्पर्यता, समन्वय और सजगता पर जोर दिया गया, जो आपदा न्यूनीकरण के लिए अनिवार्य हैं।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है, जो केंद्र और राज्य सरकार की पहल से हर साल जनवरी में आयोजित होता है। ललितपुर में इस तरह के प्रशिक्षण से आपदा मित्रों और सिविल डिफेंस सदस्यों की क्षमता बढ़ेगी, जो अंततः आम नागरिकों को लाभ पहुंचाएगी। विशेषज्ञों ने बताया कि सेंडई फ्रेमवर्क (Sendai Framework) के एजेंडा को ध्यान में रखते हुए आपदा न्यूनीकरण के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस फ्रेमवर्क के तहत आपदा जोखिम को कम करने, तैयारियों को मजबूत करने और पुनर्निर्माण पर फोकस किया जाता है, जो ललितपुर जैसे क्षेत्रों के लिए बेहद प्रासंगिक है जहां प्राकृतिक आपदाएं नियमित रूप से प्रभावित करती हैं।
यातायात नियमों पर विशेष जागरूकता
अभियान के अंतर्गत यातायात पुलिस ने प्रतिभागियों को यातायात नियमों के पालन के संबंध में जागरूक किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर जागरूकता प्रदान की गई:
- दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य प्रयोग: हेलमेट न पहनने से होने वाली दुर्घटनाओं में सिर की चोटें घातक साबित होती हैं।
- चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग: सीट बेल्ट न लगाने से दुर्घटना में मौत का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- दो पहिया वाहन पर तीन सवारी न बैठाने के नियम का पालन: ओवरलोडिंग से वाहन असंतुलित हो जाता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ता है।
- रॉन्ग साइड ड्राइविंग न करने एवं निर्धारित दिशा में ही वाहन चलाने की अपील: गलत दिशा में चलने से फ्रंटल कोलिजन की संभावना अधिक होती है।
- कोहरे के समय वाहन धीमी गति से चलाएं तथा आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखें: कोहरे में विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।
- वाहन चलाते समय हेडलाइट, फॉग लाइट एवं रिफ्लेक्टर का सही प्रयोग करें: हाई बीम का अनावश्यक उपयोग न करें तथा दृश्यता कम होने पर सावधानीपूर्वक वाहन संचालित करें।
इन बिंदुओं पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक उदाहरण देकर समझाया, जिससे प्रतिभागी प्रभावित हुए। यह प्रशिक्षण न केवल नियमों का पालन सिखाता है, बल्कि जीवन बचाने का संदेश भी देता है।
आपदा प्रबंधन पर विस्तृत चर्चा
आपदा विशेषज्ञ ललितपुर ने जनपद में प्रमुख आपदाओं पर विस्तृत जानकारी दी। ललितपुर में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, सूखा, वज्रपात और डूबने जैसी घटनाएं आम हैं। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन में तात्पर्यता, समन्वय और सजगता अनिवार्य है। सेंडई फ्रेमवर्क के तहत निर्धारित एजेंडा को ध्यान में रखते हुए आपदा न्यूनीकरण के तरीकों पर चर्चा की गई। समस्त सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स तथा आपदा मित्र/सखी को आम जनमानस को जागरूक करने हेतु कहा गया।
प्रमुख आपदाओं पर बचाव के उपाय
| आपदा प्रकार | प्रमुख प्रभाव एवं बचाव उपाय |
|---|---|
| अतिवृष्टि | बाढ़, फसल नुकसान – ऊंचे स्थानों पर शरण, जल संचय संरचनाएं |
| ओलावृष्टि | फसल क्षति – मौसम पूर्वानुमान का उपयोग, बीमा कवरेज |
| सूखा | जल संकट – वर्षा जल संरक्षण, ड्रिप सिंचाई अपनाएं |
| वज्रपात | जानमाल हानि – सुरक्षित स्थान पर रहें, ऊंची वस्तुओं से दूर |
| डूबना | नदी/तालाब में दुर्घटना – तैराकी सीखें, सावधानी बरतें |
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ललितपुर जिले में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान ने न केवल प्रतिभागियों को सशक्त बनाया है, बल्कि आम जनमानस में जागरूकता फैलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यातायात नियमों का पालन और आपदा न्यूनीकरण के उपाय अपनाकर हम दुर्घटनाओं और आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। यह पहल योगी सरकार के सुरक्षित और सशक्त उत्तर प्रदेश के विजन को साकार कर रही है।




