कुशीनगर, राज्य डेस्क | वेब वार्ता
Kushinagar Traffic Jam: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के पडरौना शहर में लगातार लग रहे जाम से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। प्रशासन ने जाम की समस्या को दूर करने के लिए 24 घंटे के भीतर दो बार ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार और शनिवार को सीओ सदर ने परिवहन निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर बसों के संचालन और रूट डायवर्जन का नया प्लान लागू किया, मगर बस चालकों की मनमानी, ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही और सड़कों पर अतिक्रमण के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या बनी रही।
- पडरौना शहर में जाम से राहत दिलाने के लिए दो बार बदला गया ट्रैफिक प्लान
- बस चालकों की मनमानी और ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही से बनी रही समस्या
- सुभाष चौक से छावनी तक सबसे अधिक जाम की स्थिति
- प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों के सख्त पालन की चेतावनी दी
Kushinagar Traffic Jam: प्रशासन के प्रयासों के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति
पडरौना शहर की सड़कों पर जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। शहर के कोतवाली रोड, धर्मशाला रोड, दरबार रोड और जटहां रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर पूरे दिन रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनी रहती है। सबसे ज्यादा समस्या सुभाष चौक से छावनी तक देखने को मिलती है, जहां तीन अलग-अलग दिशाओं से आने वाली सड़कों के कारण यातायात का दबाव अधिक रहता है।
सुभाष चौक के पास रोडवेज बस स्टेशन, पीएनबी, एसबीआई और एलआईसी कार्यालय के अलावा कई बड़े शॉपिंग मॉल भी मौजूद हैं। इसके कारण इस इलाके में दिनभर लोगों की भीड़ रहती है और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है, जिससे अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
बस चालकों की मनमानी बनी बड़ी वजह
शहर में जाम की समस्या का एक बड़ा कारण रोडवेज और निजी बस चालकों की मनमानी भी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार कई बस चालक बस स्टेशन परिसर में बस खड़ी करने के बजाय रामकोला रोड पर ही सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है।
इस समस्या को देखते हुए सीओ सदर ने शुक्रवार को परिवहन निगम की बसों को बस स्टेशन से लगभग ढाई किलोमीटर दूर छावनी स्थित पडरौना डिपो पर रोकने का निर्णय लिया था। हालांकि इस फैसले से यात्रियों को काफी परेशानी हुई और परिवहन निगम की आय में भी गिरावट दर्ज की गई।
रूट डायवर्जन के बाद भी नियमों का पालन नहीं
रूट डायवर्जन के बाद परिवहन निगम के अधिकारियों ने सीओ से वार्ता कर बसों को दोबारा पडरौना बस स्टेशन तक आने की अनुमति ले ली। इसके साथ यह शर्त रखी गई थी कि बस चालक स्टेशन से निकलने के बाद सीधे अपने गंतव्य तक जाएंगे और रास्ते में कहीं सवारी नहीं बैठाएंगे।
लेकिन शनिवार को ही कई बस चालकों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया। दोपहर के समय गोरखपुर की तरफ जाने वाली एक बस रामकोला रोड पर सवारी बैठाती देखी गई, जबकि कुछ अन्य बसें सुभाष चौक पर यात्रियों को उतारती मिलीं। इससे वहां कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई।
- पडरौना शहर में लगातार बढ़ रही जाम की समस्या
- प्रशासन ने 24 घंटे में दो बार ट्रैफिक प्लान बदला
- बस चालकों और ई-रिक्शा चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी
- सड़कों पर अतिक्रमण और पार्किंग की कमी भी बनी वजह
अतिक्रमण और पार्किंग की कमी से बढ़ी परेशानी
पडरौना शहर के सुभाष चौक क्षेत्र में अतिक्रमण भी जाम की एक बड़ी वजह बन चुका है। दुकानदारों ने सड़क की पटरियों पर कब्जा कर लिया है और ग्राहक अपने वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। शाम के समय पटरी व्यापारी भी सड़क तक दुकानें सजा लेते हैं, जिससे यातायात और प्रभावित हो जाता है।
इसके अलावा ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही भी जाम की समस्या को बढ़ा रही है। कई बार ई-रिक्शा चालक अचानक सड़क पर वाहन रोककर सवारी बैठाने या उतारने लगते हैं, जिससे पीछे आ रहे वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
हालांकि शनिवार को यातायात पुलिस और होमगार्ड की सक्रियता के कारण जाम की समस्या अपेक्षाकृत कम रही और कुछ समय बाद यातायात सामान्य हो गया। प्रशासन का कहना है कि यदि ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और अतिक्रमण हटाया जाए तो शहर को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।







