Monday, January 26, 2026
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कुशीनगर में संघ के शताब्दी वर्ष पर भव्य हिन्दू सम्मेलन, एकता का संदेश

कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। किसान इंटर कॉलेज, पिपरा बाजार के प्रांगण में आयोजित इस सम्मेलन में सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी और ग्रामीणजन शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एकात्मता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के विचार को जन-जन तक पहुंचाना रहा।

भारत माता के पूजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमान दीपक जी, विभाग प्रचारक (देवरिया) द्वारा भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात मंचासीन सभी संत-महात्माओं और अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल पर राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गौरव का वातावरण देखने को मिला।

छात्राओं की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम में विद्यालय की कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के यशगीत “माँ भवानी” की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा। वहीं कक्षा 9 की छात्रा प्रीति सिंह और गुड़िया मिश्रा ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जागरूक होने और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

जाति-पात से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण का आह्वान

मुख्य अतिथि श्रीमान दीपक जी ने अपने बौद्धिक उद्बोधन में समस्त हिन्दू समाज से जाति-पात के बंधनों को तोड़कर एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति निर्माण से ही समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हजारों वर्षों के बाह्य आक्रमणों के बावजूद हिन्दू समाज ने अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को अक्षुण्ण रखा है, जिसे अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

सम्मेलन को आत्मसात करने का संदेश

हिन्दू आयोजन समिति के अध्यक्ष श्रीमान गोपाल जी भाईसाहब ने सम्मेलन को केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न मानकर इसे जीवन में आत्मसात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता और संगठन की भावना को मजबूत करते हैं।

महान वीरांगनाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान

मातृ शक्ति संयोजिका अरुंधति दुबे ने अपने संबोधन में महारानी दुर्गावती, रानी चेन्नमा, रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और उदा देवी पासी जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने नारी शक्ति की भूमिका को समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

समाज के लिए सार्थक पहल बताया गया आयोजन

विद्यालय के प्रधानाचार्य अश्विनी कुमार पांडेय ने सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए इस सम्मेलन को समाज के लिए एक सार्थक और सकारात्मक पहल बताया। मंच संचालन कृष्ण कुमार मिश्र द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया।

  • संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन
  • संत-महात्माओं और जनप्रतिनिधियों की रही सहभागिता
  • छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को मिली सराहना
  • जाति-पात से ऊपर उठकर एकता का संदेश
  • ग्रामीणों और स्वयंसेवकों की रही भारी उपस्थिति

कार्यक्रम में संत बालकदास, विशुनपुरा ब्लॉक प्रमुख विंध्यवासिनी श्रीवास्तव, नगरपालिका प्रतिनिधि मनीष जायसवाल सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू महासंघ के स्वयंसेवक तथा आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सम्मेलन शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ।

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