कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने और ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ ने व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया। शुक्रवार को हेतिमपुर क्षेत्र में छोटी गंडक नदी के तट पर आयोजित इस मोबलाइजेशन ड्रिल में आपदा राहत टीम, जिला प्रशासन और अन्य सहयोगी संस्थाओं ने भाग लिया।
निर्माणाधीन तटबंध पर हुआ मॉक ड्रिल अभ्यास
यह मॉक ड्रिल 11वीं बटालियन एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में तथा एनडीआरएफ गोरखपुर के निरीक्षक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी के निर्देश पर निर्माणाधीन तटबंध पर किए गए इस अभ्यास में विभिन्न आपदा परिदृश्यों को दर्शाया गया।
ड्रिल में दर्शाए गए आपदा परिदृश्य
| क्रम | परिदृश्य | बचाव कार्रवाई |
|---|---|---|
| 1 | नाव पलटना | एनडीआरएफ बोट से त्वरित रेस्क्यू व प्राथमिक उपचार |
| 2 | डूबते व्यक्ति का बचाव | सीपीआर की वैज्ञानिक विधि का प्रदर्शन |
| 3 | नदी में लापता व्यक्ति | एनडीआरएफ गोताखोरों द्वारा खोज अभियान |
| 4 | ओवरलोड सिविल बोट दुर्घटना | समूह रेस्क्यू व सुरक्षित निकासी |
| 5 | आपात तैराकी सहायता | घरेलू संसाधनों से लाइफ जैकेट बनाना |
दोपहर लगभग 1 बजे पहली ड्रिल शुरू की गई, जिसमें नाव पलटने की स्थिति दर्शाई गई। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की।
ग्रामीणों को सिखाए गए जीवन रक्षक उपाय
ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ जवानों ने सीपीआर देने की वैज्ञानिक विधि का प्रदर्शन किया। साथ ही घरेलू सामानों की मदद से अस्थायी लाइफ जैकेट बनाने और आपदा के समय धैर्य बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी गई।
प्रशासन ने बताया अभ्यास का उद्देश्य
कसया तहसीलदार धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र बाढ़ आपदा से प्रभावित रहता है। ऐसे में बाढ़ आने से पूर्व ग्रामीणों को जान-माल की सुरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण देना आवश्यक है, ताकि आपदा के समय वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
उपस्थिति और सहभागिता
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| प्रशासनिक अधिकारी | उपजिलाधिकारी कसया संतराज सिंह, तहसीलदार धर्मवीर सिंह |
| एनडीआरएफ | निरीक्षक धीरेंद्र कुमार सिंह सहित 30 जवान |
| राजस्व कर्मी | लेखपाल रतन मंजरी गुप्ता |
| ग्रामीण सहभागिता | लगभग 200 ग्रामीण |
निष्कर्ष
कुशीनगर में आयोजित यह मोबलाइजेशन ड्रिल बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। एनडीआरएफ और जिला प्रशासन के समन्वय से ग्रामीणों को समय रहते प्रशिक्षण देकर आपदा के प्रभाव को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
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