कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
कुशीनगर जिले में दो दर्दनाक हत्या कांडों से आहत परिवारों के लिए राहत की खबर आई है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दोनों मृतकों के परिजनों को विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द मंजूरी मिल जाएगी और पीड़ित परिवारों को सहायता राशि मिलेगी। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की जन-केंद्रित नीति को दर्शाता है, जहां पीड़ित परिवारों को त्वरित न्याय के साथ आर्थिक सहारा भी दिया जा रहा है।
दोनों मामले: दर्दनाक घटनाएं और जनाक्रोश
पहला मामला कसया थाना क्षेत्र के नैका छपरा अमरपुर टोला का है। 31 दिसंबर को निशांत सिंह (पुत्र संतोष सिंह) की दो मनबढ़ों ने चाकू घोंपकर हत्या कर दी। निशांत परिवार का इकलौता बेटा था और पिता संतोष मजदूरी कर गुजारा करते हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भड़क उठा और लोग सड़क पर उतर आए।
दूसरा मामला पड़रौना कोतवाली क्षेत्र के बबुईया हरपुर गांव का है। 20 दिसंबर को स्ववित्तपोषित बुद्ध उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा को हमलावरों ने पीटकर घायल कर दिया। इलाज के दौरान 23 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। इस घटना ने भी क्षेत्र में जनाक्रोश पैदा किया।
दोनों मामलों में जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों के लिए अहेतुक आर्थिक सहायता की मांग उठाई। आक्रोशित भीड़ को शांत कराने के लिए जिला प्रशासन ने सहायता का आश्वासन दिया।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
निशांत सिंह हत्या मामले में पुलिस ने जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। छोटेलाल कुशवाहा मामले में भी जांच जारी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विवेकाधीन कोष से सहायता का निर्णय लिया। जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और जल्द मंजूरी की उम्मीद है।
यह सहायता पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देगी, खासकर निशांत के परिवार के लिए जो इकलौते बेटे की मौत से टूट चुका है।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पहला मामला | निशांत सिंह हत्या (31 दिसंबर) |
| स्थान | अमरपुर गांव, कसया थाना |
| दूसरा मामला | प्रधानाचार्य छोटेलाल कुशवाहा हत्या (मौत 23 दिसंबर) |
| स्थान | बबुईया हरपुर, पड़रौना कोतवाली |
| सहायता | विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद |
| प्रस्ताव | शासन को भेजा गया |
| जिलाधिकारी | महेंद्र सिंह तंवर |
यह तालिका मामलों और सहायता के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करती है।
सरकार के प्रयास: पीड़ितों का सहारा
योगी आदित्यनाथ सरकार अपराध पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए कई योजनाएं चला रही है। विवेकाधीन कोष से त्वरित सहायता, पीड़ित प्रतिकर योजना और अन्य कदमों से परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक समर्थन मिल रहा है। कुशीनगर जिला प्रशासन की यह पहल अन्य जिलों के लिए मिसाल है। पुलिस की त्वरित गिरफ्तारी और प्रशासन की संवेदनशीलता से जनता में विश्वास बढ़ रहा है।
न्याय और सहायता की मिसाल
कुशीनगर में दो हत्या पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता का निर्णय मानवीय संवेदना और प्रशासनिक कुशलता का उदाहरण है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर के नेतृत्व में यह कदम पीड़ितों को न्याय के साथ आर्थिक संबल देगा। सरकार के प्रयासों से जनता को बड़ा लाभ मिल रहा है – अपराधियों पर सख्ती और पीड़ितों का सहारा। यह पहल समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत करेगी।
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