कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में संविदा पर तैनात विद्युत लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह ट्रांसफार्मर पर तार जोड़ने का कार्य कर रहे थे। अचानक विद्युत आपूर्ति बहाल होने से वे करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया है।
ट्रांसफार्मर पर काम करते समय हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, नगर पालिका परिषद हाटा के वार्ड गोपाल नगर मदरहां निवासी 38 वर्षीय अमरजीत सिंह पिछले लगभग तीन वर्षों से विद्युत केंद्र हाटा पर संविदा लाइनमैन के रूप में कार्यरत थे। रविवार की दोपहर वह शटडाउन लेकर सिंहपुर क्षेत्र में स्थित ट्रांसफार्मर पर तार जोड़ने का कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह ट्रांसफार्मर पर ही लटक गए और बुरी तरह झुलस गए।
स्थानीय लोगों ने बचाने का किया प्रयास
घटना होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल बांस और बल्ली की सहायता से ट्रांसफार्मर पर लटके लाइनमैन को बिजली के तार से अलग किया और नीचे उतारा।
गंभीर हालत में घायल अमरजीत सिंह को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल पहुंचे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
हादसे की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी योगेश्वर सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष रामानंद सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक संजय दूबे अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शटडाउन के बावजूद आपूर्ति बहाल होना गंभीर लापरवाही का संकेत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए तकनीकी निगरानी, बेहतर समन्वय और कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
अमरजीत सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन आर्थिक सहायता और सरकारी मदद की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को मुआवजा और स्थायी सहायता प्रदान की जाए।
निष्कर्ष
कुशीनगर में हुआ यह दर्दनाक हादसा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आवश्यकता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय और सहायता मिलना सुनिश्चित किया जाए।
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