कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा के तहत अब जिले के मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलने वाली है। 25 फरवरी 2026 से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में जल्द ही ऑनलाइन पर्ची व्यवस्था शुरू की जा रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि इस नई सुविधा के माध्यम से मरीज घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर पर्ची निकाल सकेंगे और सीधे डॉक्टर को दिखा सकेंगे। इससे समय की बचत के साथ-साथ इलाज की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होगी।
कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा से मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को अब ओपीडी में पर्ची बनवाने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, ऑनलाइन पर्ची वाले मरीजों के लिए अलग से काउंटर और लाइन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उन्हें सीधे डॉक्टर से परामर्श मिल सके।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को काफी सुविधा होगी।
पहली बार पर्ची बनवाने के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा का लाभ उठाने के लिए मरीजों को पहली बार कुछ जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे।
- आधार कार्ड
- मोबाइल नंबर
- ओटीपी सत्यापन
- आभा आईडी
पहली बार पंजीकरण के दौरान मोबाइल पर भेजे गए ओटीपी के माध्यम से मरीज का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद उसका नंबर आभा आईडी से जोड़ा जाएगा।
एम्स और केजीएमयू की तर्ज पर लागू होगी व्यवस्था
डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा को एम्स, केजीएमयू और एसजीपीजीआई जैसे बड़े चिकित्सा संस्थानों की तर्ज पर लागू किया जा रहा है। इससे जिले के मरीजों को महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
इस पहल से कुशीनगर मेडिकल कॉलेज की छवि भी एक आधुनिक और तकनीक-समर्थ अस्पताल के रूप में मजबूत होगी।
ओपीडी में रोज आते हैं 1500 तक मरीज
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में ओपीडी में प्रतिदिन 1000 से 1500 मरीज इलाज के लिए आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में पर्ची बनवाने के लिए रोजाना महिला और पुरुषों की लंबी-लंबी लाइनें लगती हैं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी होती है।
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| प्रतिदिन ओपीडी मरीज | 1000–1500 |
| पर्ची लाइन | अलग-अलग महिला/पुरुष लाइन |
| ऑनलाइन पर्ची | अलग काउंटर |
| रिकॉर्ड | आभा आईडी से जुड़ा |
मोबाइल पर मिल सकेगा जांच और दवा का पूरा विवरण
कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा के तहत मरीजों को जांच रिपोर्ट और दवाओं का विवरण भी मोबाइल पर उपलब्ध कराया जाएगा। पर्चे आभा आईडी से लिंक होंगे, जिससे मरीज अपने इलाज का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में देख सकेंगे।
इससे बार-बार पर्चा खो जाने या रिकॉर्ड न मिलने की समस्या भी समाप्त हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में डिजिटल व्यवस्था को किया जा रहा मजबूत
डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में आईटी सेक्टर को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही ई-ऑफिस प्रणाली को भी विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आएगी।
भविष्य में मरीज कहीं से भी ऑनलाइन पंजीकरण कर इलाज के लिए आ सकेंगे, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली और अधिक आधुनिक बनेगी।
डिजिटलीकरण से स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि कुशीनगर ऑनलाइन पर्ची सुविधा से सरकारी अस्पतालों में डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इससे मरीजों का समय बचेगा, भीड़ कम होगी और डॉक्टरों को भी बेहतर ढंग से इलाज करने में सुविधा मिलेगी।
यह पहल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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