कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
कुशीनगर जिले के हाटा कोतवाली क्षेत्र में एक दुखद सड़क हादसा हुआ है। पिपरैचा कुटी के पास गुरुवार देर शाम एक ऑटो रिक्शा (टेम्पो) अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे सड़क किनारे सब्जी खरीदकर घर लौट रहे 60 वर्षीय राजेंद्र पुत्र अज्ञात (निवासी पिपरैचा कुटी) दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों की लापरवाही पर सवाल खड़े करती है।
हादसे का विवरण: सब्जी खरीदकर लौट रहे थे राजेंद्र
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र शाम करीब 6:30 बजे सड़क किनारे सब्जी खरीदकर घर जा रहे थे। पीछे से आ रहा ऑटो रिक्शा अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया और राजेंद्र उसके नीचे दब गए। मौके पर जुटे लोगों ने उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की वजह वाहन की तेज रफ्तार या तकनीकी खराबी हो सकती है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई: पोस्टमॉर्टम और तहरीर का इंतजार
सूचना मिलते ही हाटा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाल संजय दूबे ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अभी परिवार से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि लापरवाही साबित हुई, तो वाहन चालक पर सख्त एक्शन होगा।
प्रमुख तथ्य एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| स्थान | पिपरैचा कुटी, हाटा कोतवाली क्षेत्र |
| मृतक | राजेंद्र (उम्र 60 वर्ष) |
| घटना समय | गुरुवार देर शाम करीब 6:30 बजे |
| कारण | ऑटो रिक्शा पलटना |
| अस्पताल | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाटा |
| पुलिस कार्रवाई | शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, तहरीर पर मुकदमा |
यह तालिका हादसे के मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट करती है।
सड़क सुरक्षा पर सवाल: लापरवाही का खामियाजा
यह हादसा सड़क सुरक्षा की कमी को उजागर करता है। व्यस्त सड़कों पर वाहनों की अनियंत्रित रफ्तार और ओवरलोडिंग आम है। प्रशासन को सख्ती से चालान और जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। परिवार की इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख है।
दुखद हादसा, सुरक्षा की जरूरत
राजेंद्र की मौत पूरे क्षेत्र के लिए सदमा है। पुलिस की जांच से कारण स्पष्ट होंगे और दोषियों पर कार्रवाई होगी। सरकार को सड़क सुरक्षा अभियान तेज करने चाहिए। दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति। ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सभी को सतर्क रहना चाहिए।




