कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
कुशीनगर जिले में पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने की अनोखी पहल शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार के निर्देश पर जनपद के प्रत्येक गांव में ग्राम सुरक्षा समिति का गठन किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह से थानावार गांवों में पुलिस पहुंचकर समितियों का गठन कर रही है। प्रत्येक समिति में 8 से 15 प्रभावशाली और जागरूक ग्रामीणों को शामिल किया जा रहा है। समितियों की मॉनीटरिंग के लिए सीओ हर रात दो गांवों में पहुंचकर सदस्यों से संवाद कर रहे हैं। इसकी जांच स्वयं SP और ASP करेंगे।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया, “50 प्रतिशत गांवों में समितियों का गठन हो चुका है। उद्देश्य अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा सुदृढ़ करना और पुलिस-जनता सहयोग बढ़ाना है।”
ग्राम सुरक्षा समिति का उद्देश्य
- अपराध नियंत्रण: संदिग्ध गतिविधियों की सूचना त्वरित आदान-प्रदान।
- जनसुरक्षा: गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत।
- पुलिस-जनता सहयोग: विश्वास और संवाद बढ़ाना।
- सदस्य: प्रभावशाली व्यक्तियों और ग्रामीणों को शामिल।
पुलिस समिति सदस्यों से सुरक्षा संबंधी सूचनाएं साझा करेगी और जागरूक करेगी।
मॉनीटरिंग और निरीक्षण
- सीओ की भूमिका: हर रात दो गांवों में पहुंचकर सदस्यों से संवाद।
- उदाहरण:
- ASP सिद्धार्थ वर्मा और CO सदर डॉ. अजय कुमार सिंह ने कुबेरस्थान क्षेत्र के जंगल पचरुखिया और कोतवाली पडरौना के जंगल अमवा खिरकिया में निरीक्षण।
- CO कसया कुंदन कुमार सिंह ने भलुई मदारीपट्टी और शिवपुर बुजुर्ग में।
- CO खड्डा वीरेंद्र कुमार सिंह ने रामपुर गोनहा और बरवां रतनपुर में संवाद।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा को नई मजबूती देगी। पुलिस का कहना है कि समितियां अपराधियों पर नजर रखेंगी और सूचनाएं तुरंत पुलिस तक पहुंचाएंगी।
कुशीनगर पुलिस की यह पहल जनसुरक्षा और अपराध नियंत्रण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।




