कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
Kushinagar Fake IFS Officer Arrest: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारतीय विदेश सेवा (IFS) का अधिकारी बताकर ग्रामीण युवकों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। रविन्द्र नगर धूस थाना पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से कई फर्जी पहचान पत्र, प्रोटोकॉल दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सरकारी मुहरें बरामद की गई हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहा था। आरोपी फर्जी पहचान पत्र और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर खुद को उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था, जिससे लोगों को उसकी बातों पर विश्वास हो जाता था।
⚡ संक्षिप्त वार्ता (News Summary)
- कुशीनगर में फर्जी आईएफएस अधिकारी बनकर ठगी करने वाला गिरफ्तार
- ग्रामीण युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर लेता था पैसे
- पुलिस ने कई फर्जी पहचान पत्र और दस्तावेज बरामद किए
- आरोपी को जेल भेजकर मामले की जांच शुरू
👉फर्जी IFS अधिकारी बनकर धोखाधड़ी व कूटरचित माध्यम से देहात के लड़को को नौकरी आदि दिलाने का झांसा देते हुए अनुचित लाभ लेने वाले एक अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ,दो अदद प्रोटोकाल पेपर, आईडेन्टीटी कार्ड,फर्जी आधार कार्ड, पांच अदद एटीएम कार्ड, तीन अदद मोहर आदि समान बरामद- pic.twitter.com/BgjSAHJSCw
— Kushinagar Police (@kushinagarpol) March 9, 2026
पुलिस अभियान के दौरान मिली महत्वपूर्ण सूचना
कुशीनगर पुलिस द्वारा अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सूचना मिली कि एक व्यक्ति खुद को आईएफएस अधिकारी बताकर विभिन्न सरकारी विभागों में फर्जी पहचान पत्र दिखा रहा है और ग्रामीण युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।
थाना रविन्द्र नगर धूस पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए आरोपी पवन चौहान पुत्र रामबदन चौहान निवासी अवरवा थाना कोतवाली हाटा, जनपद कुशीनगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को 8 मार्च को दबोचा और उसके पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण बरामद किए।
📌 क्या है पूरा मामला?
- आरोपी खुद को आईएफएस अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था
- ग्रामीण युवकों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था
- फर्जी पहचान पत्र और प्रोटोकॉल दस्तावेज बनाकर सरकारी विभागों में भेजता था
- नौकरी और प्रमोशन के नाम पर पैसे वसूलता था
आरोपी के पास से बरामद हुआ यह सामान
| बरामद सामग्री | संख्या / विवरण |
|---|---|
| फर्जी आईडेन्टीटी कार्ड | 1 |
| फर्जी आधार कार्ड | 2 |
| निर्वाचन कार्ड | 1 |
| एटीएम कार्ड | 5 |
| सरकारी मोहर | 3 |
| प्रोटोकॉल पेपर | 2 |
| मोबाइल फोन | 2 |
फर्जी प्रोटोकॉल बनाकर करता था सरकारी विभागों से संपर्क
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह खुद को आईएफएस अधिकारी बताकर फर्जी पहचान पत्र तैयार करता था और उसी के आधार पर नकली प्रोटोकॉल दस्तावेज बनाता था। इन दस्तावेजों को वह ईमेल के माध्यम से विभिन्न सरकारी कार्यालयों में भेजता था ताकि उसकी पहचान असली अधिकारी के रूप में स्थापित हो सके।
इसके बाद वह ग्रामीण क्षेत्रों के युवकों को सरकारी नौकरी, प्रमोशन या अन्य सरकारी लाभ दिलाने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलता था। बरामद किए गए फर्जी आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, मोहरें और अन्य दस्तावेज इसी तरह की धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किए जाते थे।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी भेजा गया जेल
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगा है और उसके साथ इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की ठगी के मामलों से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे नहीं देने चाहिए।







