कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में जाति प्रमाण पत्र को लेकर गुरुवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब थारू और गोंड समाज के लोग आमने-सामने आ गए। फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने के आरोपों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
थारू समाज ने लगाया फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, थारू समाज से जुड़े आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधि सुबह करीब 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित पार्क में एकत्रित होने लगे। कुछ ही देर में महराजगंज, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर सहित अन्य जिलों से भी थारू समाज के लोग मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कुशीनगर में गोंड बिरादरी पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में आती थी, लेकिन अब कथित तौर पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के प्रमाण पत्र बनवाए जा रहे हैं, जो नियमों के खिलाफ है।
“एक जाति के तीन प्रमाण पत्र कैसे?”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विजय बहादुर चौधरी ने कहा कि एक ही जाति के लिए तीन अलग-अलग वर्गों के प्रमाण पत्र कैसे जारी किए जा सकते हैं। उन्होंने इसे थारू समाज के आरक्षण अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए चेतावनी दी कि यदि इस पर तत्काल रोक नहीं लगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
गोंड समाज ने आरोपों को बताया भ्रामक
थारू समाज के प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रविंद्रनगर धूस क्षेत्र के आसपास के गांवों से गोंड समाज के लोग भी बड़ी संख्या में जिला मुख्यालय पहुंच गए। उन्होंने थारू समाज पर अधिकारियों को भ्रमित करने का आरोप लगाया और कहा कि इस तरह के आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गोंड समाज की ओर से गोरख प्रसाद गोंड ने कहा कि समाज के खिलाफ फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार का कड़ा विरोध किया जाएगा। दोनों समुदायों के आमने-सामने आने से स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
नारेबाजी के बीच प्रशासन ने संभाला मोर्चा
इस दौरान थारू समाज की ओर से “फर्जी प्रमाण पत्र नहीं चलेगा” जैसे नारे लगाए गए, वहीं गोंड समाज के कुछ लोगों ने “नेपाली वापस जाओ” के नारे लगाए। स्थिति बिगड़ती देख रविंद्रनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बैरिकेडिंग कर दोनों पक्षों को अलग किया।
अपर जिलाधिकारी (एडीएम) वैभव मिश्र ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उन्होंने थारू समाज की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन लिया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया।
- जाति प्रमाण पत्र को लेकर थारू और गोंड समाज में विवाद
- फर्जी कास्ट सर्टिफिकेट बनवाने के आरोप-प्रत्यारोप
- कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर हुई नारेबाजी
- एडीएम ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
- निष्पक्ष जांच का प्रशासनिक आश्वासन
प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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