कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सुचारु संचालन और सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एयरफील्ड एनवायरनमेंट मैनेजमेंट कमेटी और एरोड्रम कमेटी ने हवाई अड्डे (कसया) का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण में रनवे, टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC), सुरक्षा व्यवस्थाएं, अग्निशमन सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण उपाय, सीमा सुरक्षा, और अन्य परिचालन संबंधी व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा, “सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल, और यात्री-केंद्रित बनाना प्राथमिकता है। इससे बौद्ध पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।” कमेटी ने निरीक्षण को हवाई अड्डे के सतत विकास और उच्च स्तरीय संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के प्रमुख बिंदु
कमेटी ने विशेष रूप से उड़ान सुरक्षा को प्रभावित करने वाले कारकों पर ध्यान केंद्रित किया:
- उड़ान सुरक्षा: ऊंचे टावर, पेड़-पौधों आदि को शीघ्र चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई।
- पर्यावरण संरक्षण: पर्यावरण-अनुकूल उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन, कूड़ा-कचरा प्रबंधन सुदृढ़ीकरण, हरित क्षेत्रों का विस्तार।
- यात्री सुविधाएं: सुधार और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियां मजबूत करना।
- सुरक्षा: सुरक्षा बलों की तैनाती को अधिक प्रभावी बनाना।
निरीक्षण में हवाई अड्डे की समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। कमेटी ने सुझाव दिए कि बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हवाई अड्डे को और अधिक यात्री-केंद्रित बनाया जाए।
उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण में उप जिलाधिकारी कसया, एयरपोर्ट डायरेक्टर, तहसीलदार कसया, और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कुशीनगर हवाई अड्डे का महत्व
कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बौद्ध पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। यहां भगवान बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल है। हवाई अड्डे का सुचारु संचालन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देगा।
यह निरीक्षण हवाई अड्डे की सुरक्षा और पर्यावरण मानकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।




