Wednesday, January 14, 2026
व्हाट्सएप पर हमसे जुड़ें

कुशीनगर: तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से दुकानदार की मौत, भाभी गंभीर रूप से घायल – इलाज के दौरान तोड़ा दम

कुशीनगर, विशेष संवाददाता | वेब वार्ता

कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। नौरंगिया कस्बे में पडरौना-पनियहवा मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में एक दुकानदार अरुण तिवारी (50 वर्ष) की मौत हो गई, जबकि उनकी भाभी मीना तिवारी (57 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायल मीना का इलाज जिला मेडिकल कॉलेज कुशीनगर में चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।

हादसे का पूरा विवरण

पुलिस के अनुसार, नौरंगिया निवासी अरुण तिवारी अपनी भाभी मीना तिवारी के साथ बाइक से चौराहे स्थित अपनी किराने की दुकान पर जा रहे थे। सुबह करीब 11 बजे पडरौना से सेखुई की ओर जा रही बाइक सवार रामप्रवेश और शेषनाथ (दोनों निवासी सेखुई खास) की बाइक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अरुण और मीना सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने तुरंत सूचना दी और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवा पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने अरुण तिवारी को मृत घोषित कर दिया। मीना तिवारी की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

थानाध्यक्ष का बयान

नेबुआ नौरंगिया थानाध्यक्ष ने बताया कि अरुण तिवारी नौरंगिया तिराहे पर किराने की दुकान चलाते थे। वह सुबह दुकान से घर खाना खाने गए थे और वापस दुकान लौटते समय यह हादसा हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

प्रमुख तथ्य एक नजर में

विवरणजानकारी
स्थानपडरौना-पनियहवा मार्ग, नौरंगिया कस्बा
मृतकअरुण तिवारी (50 वर्ष)
घायलमीना तिवारी (57 वर्ष, भाभी)
हादसे का समयसोमवार सुबह करीब 11 बजे
कारणदो बाइकों की आमने-सामने टक्कर
अन्य आरोपी बाइक सवाररामप्रवेश और शेषनाथ (सेखुई खास)
इलाजजिला मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
पुलिस कार्रवाईशव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, जांच जारी
सड़क सुरक्षा पर सवाल

यह घटना एक बार फिर सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरे को उजागर करती है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि इस मार्ग पर आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। पुलिस और प्रशासन को सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

निष्कर्ष: एक और जिंदगी का नुकसान

अरुण तिवारी की मौत से परिवार पर गहरा सदमा पहुंचा है। मीना तिवारी की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है। तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाले हादसों को रोकने के लिए सभी को जागरूक और सतर्क रहना होगा।

हमारे व्हाट्सएप्प चैनल को फॉलो करें

ये भी पढ़ें: राष्ट्रीय युवा दिवस पर देवरिया में युवा शक्ति का उमंग: खेल, क्विज, गोष्ठियां और उत्साह से भरे विविध आयोजन

Author

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest

More articles