कुशीनगर, ममता तिवारी | वेब वार्ता
जनपद कुशीनगर के जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में मनाया। इस अवसर पर एम्बुलेंस कर्मियों ने संविधान, राष्ट्र और मानव सेवा के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए कर्तव्यनिष्ठा की शपथ ली।
कार्यक्रम के दौरान सभी कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे हर आपात स्थिति में जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित और समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे तथा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे।
एम्बुलेंस कर्मियों ने लिया सेवा संकल्प
इस मौके पर उपस्थित जिला प्रोग्राम मैनेजर रोशन यादव ने ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस की ओर से सभी कर्मचारियों को मिठाई खिलाकर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस कर्मी स्वास्थ्य सेवा की रीढ़ हैं, जो दिन-रात बिना रुके जनसेवा में लगे रहते हैं।
जिले में 24×7 सक्रिय है एम्बुलेंस सेवा
प्रोग्राम मैनेजर रोशन यादव ने जानकारी दी कि कुशीनगर जनपद में वर्तमान में 108 की 34 एम्बुलेंस और 102 की 37 एम्बुलेंस पूरी तरह क्रियाशील हैं। ये सभी सेवाएं 24 घंटे, सातों दिन आमजन के लिए उपलब्ध हैं और पूरी तरह निःशुल्क हैं।
102 एम्बुलेंस कब बुलाएं
| क्रम | सेवा का विवरण |
|---|---|
| 1 | गर्भवती महिला को घर से सरकारी अस्पताल लाने व अस्पताल से घर छोड़ने हेतु |
| 2 | प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल से घर पहुंचाने के लिए |
| 3 | दो वर्ष तक के शिशु के बीमार होने पर अस्पताल लाने व वापस छोड़ने हेतु |
| 4 | गर्भवती महिला व बीमार शिशु को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने के लिए |
108 एम्बुलेंस कब बुलाएं
| क्रम | आपात स्थिति |
|---|---|
| 1 | किसी भी प्रकार की दुर्घटना |
| 2 | तेज पेट दर्द या गंभीर बीमारी |
| 3 | तेज बुखार या अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना |
| 4 | दिल का दौरा या सांस लेने में दिक्कत |
| 5 | जानवर के काटने या गंभीर चोट |
| 6 | मारपीट या हिंसक घटना |
| 7 | प्राकृतिक आपदा या कोई भी आपातकालीन स्थिति |
मानव सेवा ही सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म
गणतंत्र दिवस के अवसर पर एम्बुलेंस कर्मियों ने यह संदेश दिया कि मानव जीवन की रक्षा ही सच्ची देशसेवा है। इन सेवाओं के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अनगिनत जिंदगियां बच रही हैं।
निष्कर्ष
कुशीनगर में 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मियों द्वारा मनाया गया गणतंत्र दिवस सेवा, समर्पण और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक बना। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इन कर्मियों की निष्ठा और तत्परता जनपद के लिए जीवनरक्षक संबल है।
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